गाजीपुर, 14 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने सोमवार को उप्र के गाजीपुर में शब्दभेदी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन गाजीपुर से कोलकाता के बीच चलेगी। इस मौके पर उन्होंने गाजीपुर-बलिया के बीच रेलमार्ग के दोहरीकरण का भी शिलान्यास किया।
राज्यपाल राम नाईक, केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रेल राज्य एवं संचार मंत्री मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित कई नेता भी इस अवसर पर मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने गाजीपुर और मऊ को जोड़ने वाले ताड़ी घाट रेलवे पुल का शिलान्यास किया। इस पुल के निर्माण पर कुल 1,766 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस पुल की मांग कई दशकों से की जा रही थी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने 5़17 करोड़ से नवनिर्मित कार्गो केंद्र का भी लोकार्पण किया। साथ ही बचत बीमा योजना के तहत दो ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। सुकन्या समृद्घि योजना के तहत पांच लाभार्थियों को भी पासबुक वितरित किए।
इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था। लेकिन देश में ऐसी सरकारें बनती रहीं, जिसकी वजह से देश की हालत काफी खराब हो गई। इसका एक अहम कारण काला धन भी था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने काले धन के खात्मे के लिए कदम उठाए हैं, जो एक ऐतिहासिक हैं। पिछले ढाई वर्षो के भीतर सिन्हा ने जितनी तेजी से काम किया है, उसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि 55 वर्षो से ताड़ीघाट-गाजीपुर-मउ रेलपुल का निर्माण लोगों का सपना था। मोदी सरकार में यह सपना पूरा होने जा रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने का उन्होंने जो संकल्प लिया था, वह सच होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें कुछ जिम्मेदारियां दी हैं और उनकी उम्मीदों पर वह खरा उतरने की कोशिश कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है उसे अगले तीन वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गाजीपुर की जनता गरीब जरूर है, लेकिन जो कोई यहां के लिए कुछ करता है उसके लिए वह खून बहाने के लिए भी तैयार रहती है।
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