सूर्य प्रकाश का बेहतर इस्तेमाल पैदावार में मददगार

बेंगलुरु, 29 नवंबर (आईएएनएस)। जीन मैनिपुलेशन प्रौद्योगिकी से पौधों के प्रकाश संश्लेषण में सूर्य के प्रकाश के कुशल उपयोग की विधि विकसित की गई है। शोधकर्ताओं ने कहा कि तंबाकू के पौधों में मिले संभावित निष्कर्षो से इसका इस्तेमाल गेहूं और धान के फसलों में पैदावार बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। यह शोध एक भारतीय मूल के अगुवाई वाले अमेरिकी शोधकर्ताओं के दल ने किया है।

बेंगलुरु, 29 नवंबर (आईएएनएस)। जीन मैनिपुलेशन प्रौद्योगिकी से पौधों के प्रकाश संश्लेषण में सूर्य के प्रकाश के कुशल उपयोग की विधि विकसित की गई है। शोधकर्ताओं ने कहा कि तंबाकू के पौधों में मिले संभावित निष्कर्षो से इसका इस्तेमाल गेहूं और धान के फसलों में पैदावार बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। यह शोध एक भारतीय मूल के अगुवाई वाले अमेरिकी शोधकर्ताओं के दल ने किया है।

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में जमीन से जल, खनिज और वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड का इस्तेमाल कर अपना भोजन बनाते हैं। इसका इस्तेमाल हम भोजन, ईंधन और फाइबर के लिए करते हैं।

हालांकि ज्यादा तेज सूर्य के प्रकाश में क्लोरोप्लास्ट का प्रकाश संश्लेषण तंत्र क्षतिग्रस्त हो सकता है। पौधों को इस तरह की हानि से बचाने के लिए प्रकृति ने क्लोरोप्लास्ट में एक नान-फोटोकेमिकल क्वेंचिंग (एनपीक्यू) विकसित किया है।

कैलिफोर्निया-बर्कले विश्वविद्यालय (यूसीबी) और इलिनोइस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने क्वेंचिंग प्रक्रिया में शामिल जीनों को लक्षित किया। उन्होंने पाया कि इन जीनों के इस लक्षण को बढ़ावा देने से फोटोसिंथेटिक क्षमता में सुधार होता है। इससे पैदावार बढ़ती है। इस अवधारणा के परीक्षण के लिए टीम ने तीनों जीन के एक कैसेट को तंबाकू के पौधे के अंदर डाला। इसका परीक्षण किया गया। यह मॉडल पौधे अरबिडोप्सिस से लिया गया।

इन एनपीक्यू में शामिल तीनों जीन को बढ़ावा देकर वैज्ञानिकों ने देखा कि संशोधित तंबाकू के खेतों में परीक्षण किए गए पौधों के उत्पादन में 20 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्षो को साइंस पत्रिका में प्रकाशित कराया है।

एक यूसीबी के पादप और सूक्ष्मजैविकी जीवविज्ञान के प्रोफेसर और सह लेखक कृष्णा नियोगी ने कहा, “हमने सिर्फ तंबाकू पौधे को एक अवधारणा प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया था, क्योंकि इसके साथ काम करना आसान था।”

नियोगी ने कहा, “सभी पौधों में एनपीक्यू प्रकाश संरक्षण तंत्र होता है। इसलिए हम आशावान हैं कि यह खाद्यान्न फसलों के लिए भी कार्य करेगा। गेहूं और धान जैसे पौधों में हमें उम्मीद है कि इससे पैदावार बढ़ेगी।”

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