जम्मू, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि आतंकवाद एक ऐसा हथियार है जिसका इस्तेमाल कमजोर लोग करते हैं। बहादुर देश अपने पड़ोसियों से हिसाब बराबर करने के लिए आतंकवाद का सहारा नहीं लेते।
गृह मंत्री जम्मू क्षेत्र के सीमावर्ती जिले कठुआ में शहीदों के परिवारों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इसका आयोजन किया गया था।
सीधे पाकिस्तान के संदर्भ में राजनाथ सिंह ने कहा, “आतंकवाद एक ऐसा हथियार है जिसका इस्तेमाल कमजोर और कायर लोग करते हैं। बहादुर राष्ट्र पुरानी अदावत साधने के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल नहीं करते।”
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान भारत को बांटने के लिए चार युद्धों में नाकाम रहा और अब वह धर्म का कार्ड खेलकर भारत को बांटने की कोशिश कर रहा है। मुसलमान भी भारत के उसी तरह से हिस्सा हैं जैसे यहां रहने वाले अन्य धर्मो के लोग।”
उन्होंने कहा कि इस्लाम में 72 विचारधारात्मक समूह हैं और भारत के अलावा और किसी भी देश में इन सभी 72 विचारधारात्मक समूहों के अनुयायी नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि 1947 में भारत का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था, लेकिन फिर आगे कभी नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान, भारत को धर्म के आधार पर नहीं बांट सकता। (आतंकी संगठन) आईएसआईएस भारत में अपने कदम नहीं जमा सका और इसका पूरा श्रेय भारतीय मुसलमानों को जाता है।”
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान धर्म के आधार पर 1947 में बना था और और उसके बाद फिर 1971 में दो भागों में बंटा। मुझे डर है कि यदि पाकिस्तान ने अपना रवैया नहीं बदला तो वह फिर 10 भागों में बंटेगा।”
उन्होंने कहा, “वे लोग संघर्षविराम करार का उल्लंघन करना जारी रखे हुए हैं। पाकिस्तान रेंजर्स के अधिकारी मुझसे मिले थे। मैंने उन्हें कहा था कि भारतीय सेनाएं कभी भी पहले पाकिस्तान के नागरिकों पर गोली नहीं चलाएंगी। लेकिन, मैंने उन्हें कहा कि यदि आपकी सेनाओं ने हमारे नागरिकों को निशाना बनाया तो मैंने अपने सैनिकों को कह रखा है कि उसके बाद अपने द्वारा दागी गईं गोलियां मत गिनना।”
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