रांची, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में एक महिला ने अपने पति की भूख से मौत होने का दावा किया है। उसका कहना है कि खाने को कुछ नहीं जुटा पाने की वजह से उसकी मौत हुई। प्रशासन ने उसके दावे को खारिज किया है।
हजारीबाग जिले के उपायुक्त रविशंकर शुक्ल ने सोमवार को आईएएनएस से कहा कि प्रथमदृष्टया यह भूख से मौत का मामला नहीं लगता। हमलोगों ने अंतिम संस्कार के लिए नकदी और खाद्यान्न जैसी राहत सामग्री मुहैया करा दी है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
स्थानीय मीडिया में सोमवार को आई खबर के अनुसार, 40 वर्षीय इंद्रदेव माली की पत्नी ने रविवार को दावा किया है कि उसके पति की मौत इस वजह से हो गई कि पिछले तीन दिनों से उसे खाने को कुछ नहीं मिला। नकदी के अभाव ने उसकी समस्या बढ़ा दी क्योंकि वह खाने के लिए कुछ भी खरीद पाने में नाकाम रहा।
इंद्रदेव हजारीबाग जिले के सारुगारु गांव का रहने वाला मजदूर था। उसकी पत्नी ने दावा किया कि घर में खाने को कुछ भी नहीं है।
सारुगारु गांव की मुखिया आरती देवी ने इस घटना की जानकारी प्रशासन को दी। इस घटना से गांव वाले उत्तेजित हैं।
झारखंड की आबादी का आधा से भी अधिक हिस्सा गरीबी रेखा के नीच गुजर-बसर करता है। राज्य में जितने खाद्यान्न की जरूरत है, उसका आधा ही पैदा होता है।
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