बीती 13 मार्च को आईपीएस ठाकुर और अपनी पत्नी एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने रामपुर के वाल्मीकि बस्ती में मंत्री आजम खान द्वारा वाल्मीकि बस्ती को हटवाने के प्रयासों के खिलाफ वाल्मीकि समाज को संगठित रूप से लड़ने को कहा था। जिस पर शासन ने मंत्री के खिलाफ लोगों को भड़काने के आरोप में आईपीएस ठाकुर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की है।
अमिताभ पर आजम के खिलाफ धर्म और जाति के नाम पर वाल्मीकि लोगों को भड़काने और इसे राज्य सरकार की आलोचना माने जाने का आरोप है। इसे अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के नियम तीन (आईपीएस अफसर से अपेक्षित आचरण के विपरीत) और नियम सात (सरकार की आलोचना) माना गया है। मुलायम सिंह के खिलाफ आरोप लगाने के बाद यह अमिताभ के खिलाफ चौथी विभागीय कार्यवाही है।
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