देश की संस्कृति को नष्ट करने वाली ताकतें सक्रिय : शिवराज (फोटो सहित)

इंदौर, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बगैर किसी का नाम लिए संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश करने वालों पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में तमाम ऐसी ताकतें सक्रिय हो गई हैं जो इस देश को सांस्कृतिक रूप से नष्ट करना चाहती है, तोड़ना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को इस दृष्टि से सतर्क व सचेत रहना चाहिए, ताकि जाति और समाज के नाम पर भारत को बांटने के कुत्सित प्रयास सफल नहीं होने पाएं।

भाजपा के पं़ दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान के उद्घाटन समारोह में सोमवार को यहां चौहान ने कहा कि भारत हजारों वर्ष से अपनी सांस्तिक एकता के लिए विश्व में विख्यात है। संस्कृतियों का समूह इस राष्ट्र की विशेषता है, समय-समय पर हमारी सांस्कृतिक एकता को खंडित करने के प्रयत्न होते रहे हैं, लेकिन समाज सुधारकों एवं मनीषियों ने सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है।

चौहान ने कहा, “हमारा देश हजारों वर्ष से सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र रहा है, लेकिन जब-जब इस संस्कृति को आंच आई है तब-तब भारत टूटा है बंटा है, हम जानते हैं कि कंधार से लेकर तिब्बत तक और जावा, सुमात्रा, बाली, इंडोनिशिया तक आज भी भारतीय सभ्यता बिखरी पड़ी है।”

शिवराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘युगपुरुष’ बताते हुए कहा कि वे इस देश से भ्रष्टाचार और सांस्तिक प्रदूषण को मिटाने के लिए कठोर परिश्रम कर रहे हैं, ऐसे में हम सभी कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि उनका परिश्रम व्यर्थ नहीं जाने पाए, चाहे स्वच्छता अभियान हो, बेटी बचाओ अभियान हो, स्टार्टअप इंडिया की बात हो या डिजिटल इंडिया की बात हो, इतनी योजनाएं कोई युगपुरुष ही लागू कर सकता है।

उद्घाटन सत्र में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महांमत्री सुहास भगत, महापौर मालिनी गौड़ एवं नगर अध्यक्ष कैलाश शर्मा उपस्थित थे।

शिविर के द्वितीय सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अरुण जैन ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज में समरसता लाने के लिए अपने गौरवशाली इतिहास का अध्ययन करें।

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अपनी स्थापना काल से ही सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम घर-घर जाकर अपने कार्य व्यवहार से सामाजिक बराबरी के लिए प्रयत्न करें क्योंकि समाज में कोई किसी से सुविधा नहीं मांगता बराबरी मांगता है।

उन्होंने कहा कि समाज को आज बताने की आवश्यकता है कि जिस डा. अम्बेडकर ने भारत की एकता के लिए अपने संपूर्ण प्रयत्न किए उन्हीं का नाम लेकर आज कुछ तत्व देश को तोड़ने का प्रयास कर रहे है। इन्हें हर कीमत पर रोका जाना चाहिए। यह कार्य समाज में अपनत्व के विकास से ही किया जा सकता है और इसे करने के लिए अब समय बर्बाद करने की आवश्यकता नहीं है। इस सत्र की अध्यक्षता प्रदेश के पशुपालन मंत्री अंतरसिंह आर्य ने की।

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