यथार्थवादी फिल्मों के बिना पहचान मुश्किल : नवाजुद्दीन

मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। प्रत्येक भूमिकाओं में आसानी से ढल जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि भारतीय फिल्म निर्माताओं को यथार्थवादी फिल्मों के महत्व को रेखांकित करना चाहिए। इसके बिना भारतीय फिल्मों को विश्व स्तर पर पहचान मिल पाना मुश्किल है।

नवाजुद्दीन की हाल में रिलीज हुई ‘हरामखोर’ में उन्होंने अध्यापक श्याम की भूमिका निभाई है, जिनसे उनकी छात्रा को प्यार हो जाता है। यह भूमिका श्वेता त्रिपाठी ने निभाई है।

सिनेमा के बारे में नवाजुद्दीन ने फोन पर आईएएनएस से कहा, “हमें यथार्थवादी फिल्में बनानी होगी, अन्यथा विश्व सिनेमा हमें गंभीरता से नहीं लेगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारी फिल्मों को डांस, ड्रामा और संगीत के लिए जाना जाता है। वैश्विक दर्शक इसे हल्के से लेते हैं। पेड़ के आसपास डांस करते हुए हीरो-हीरोइन कब तक देखते रहेंगे?”

‘हरामखोर’ का विषय अन्य फिल्म निर्माताओं द्वारा छुआ तक नहीं गया है।

नकारात्मक भूमिकाओं के बारे बारे में नवाजुद्दीन ने कहा, “किसी को नकारात्मक भूमिका नहीं कहा जा सकता। नकारात्मकता और सकारात्मकता हम सभी में मौजूद है। इसके अलावा, अगर आप ‘रमन राघव 2.0’ के बारे में बात कर रहे हैं, तो यह वास्तविक किरदार है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए हमें स्वीकार करना और समझना चाहिए कि इस तरह के लोग हमारे समाज में हैं।”

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