नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। कानपुर ट्रेन हादसे में पाकिस्तान की खुफिया संस्था आईएसआई की भूमिका की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम बुधवार को बिहार के मोतिहारी जिला पहुंची।
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
बिहार पुलिस ने मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान मोती पासवान, उमाशंकर प्रसाद और मुकेश यादव के रूप में हुई है। इन तीनों को पिछले साल नवम्बर में हुए कानपुर ट्रेन हादसे में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि दुर्घटना के तार आईएसआई से जुड़े हुए हैं।
उप महानिरीक्षक (डीआईजी) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व वाली एनआईए की टीम इन तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी।
पुलिस के मुताबिक, पासवान ने स्वीकार किया है कि उसे ट्रेन में विस्फोटक पदार्थ रखने के लिए पैसे दिए गए थे और आईएसआई ने इस पूरी घटना की साजिश रची थी।
बिहार पुलिस को दिए बयान में पासवान ने कहा कि वह जुबैर और जियाउल सहित कई अन्य लोगों के साथ कानपुर ट्रेन हादसे की साजिश में शामिल था। जुबैर और जियाउल को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन तीन आरोपियों से पूछताछ के अलावा एनआईए की टीम बिहार पुलिस के इस दावे की जांच भी करेगी, जिसमें कहा गया है कि आईएसआई अपनी आतंकी गतिविधियों के लिए नेपाल को अड्डे के रूप में इस्तेमाल कर रही है और इसके लिए राज्य के अपराधियों को इस्तेमाल कर रही है।
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