नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उनके एक रिश्तेदार तथा दो अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया।
याचिका में केजरीवाल सहित सभी के खिलाफ सड़क निर्माण और सीवर लाइन बिछाने के ठेके आवंटित करने में अनियमितता बरतने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने सड़क भ्रष्टाचार रोधी संगठन (आरएसीओ) के संस्थापक राहुल शर्मा की शिकायत पर सुनवाई के दौरान कहा कि वह दो फरवरी को इस मामले में अपना आदेश सुनाएंगे।
शर्मा ने याचिका दायर कर केजरीवाल, उनके एक रिश्तेदार सुरेंदर कुमार बंसल, एक निर्माण कंपनी के मालिक और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
याचिकाकर्ता शर्मा के वकील किसलय पांडेय ने अदालत से कहा कि आरोपियों ने सरकार के साथ धोखाधड़ी की है और पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन कार्यकारी इंजीनियर पी. के. कठूरिया के साथ आपराधिक मिलीभगत कर राजस्व को 10 करोड़ रुपये का चूना लगाया।
किसलय ने रेनू कंस्ट्रक्शन के मालिक बंसल पर कई फर्जी कंपनियों का सहारा लेकर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी ठेके हासिल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने अदालत को बताया कि मिले ठेकों पर कोई कार्य नहीं किया गया, जबकि केजरीवाल के दबाव में सभी अनुदानों को मंजूरी दे दी गई।
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