गाजीपुर, 31 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के चुनावी महाभारत में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी छवि बदलने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। पूर्वाचल में खासा दबदबा रखने वाले अंसारी बंधुओं से कन्नी काटने वाले अखिलेश ने गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट से साइकिल के पंक्चर बनाने वाले महेंद्र चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। चौहान की ‘साइकिल’ कितनी रफ्तार पकड़ेगी यह तो समय बताएगा, लेकिन फिलहाल उनकी उम्मीदों को पंख जरूर लग गए हैं।
गाजीपुर, 31 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के चुनावी महाभारत में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी छवि बदलने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। पूर्वाचल में खासा दबदबा रखने वाले अंसारी बंधुओं से कन्नी काटने वाले अखिलेश ने गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट से साइकिल के पंक्चर बनाने वाले महेंद्र चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। चौहान की ‘साइकिल’ कितनी रफ्तार पकड़ेगी यह तो समय बताएगा, लेकिन फिलहाल उनकी उम्मीदों को पंख जरूर लग गए हैं।
वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में जहूराबाद विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने जीत हासिल की थी। समाजवादी पार्टी के भीतर चली अंदरूनी लड़ाई की वजह से शादाब का टिकट कट गया। वह शिवपाल यादव की करीबी मानी जाती हैं।
शादाब फातिमा का इलाके में बड़ा दबदबा माना जाता है और इस चुनौती के बीच महेंद्र चौहान को साइकिल को जिताने की जिम्मेदारी मिली है। चौहान कहते हैं कि उन्हें खुद भी अंदाजा नही था कि टिकट मिलेगा, लेकिन जब सूचना मिली तो खुशी के आंसू छलक आए।
जहूराबाद में कासिमाबाद रोड पर महेंद्र चौहान के पिता राम बचन चौहान की साइकिल मरम्मत करने की एक दुकान है। उनके पुत्र महेंद्र चौहान की मानें तो जब वह वर्ष 1995 में इंटरमीडिएट में पढ़ते थे, तभी से सपा से जुड़े हैं।
चौहान ने आईएएनएस को बताया, “मैं साल 1995 में जब इंटरमीडिएट में था उस समय शिवपूजन चौहान को टिकट मिला था। मैं उनके लिए दिन भर प्रचार करता था। वह चुनाव हार गए, लेकिन मैं पार्टी से जुड़ा रहा और हमेशा ही सोचता था कि नेताजी मुझे भी मौका देंगे।”
उन्होंने वर्ष 2002 में भी सपा से टिकट मांगा था, लेकिन नहीं मिला। उस समय पार्टी की तरफ से बताया गया कि अभी उनकी उम्र कम है। इसके बाद वर्ष 2007 और 2012 में भी टिकट की मांग की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
चौहान ने कहा, “अखिलेश भैया ने टिकट देकर मेरी उम्मीदों की साइकिल को दौड़ाने का काम किया है। पूरी मेहनत के साथ चुनाव लडूंगा और उम्मीद है जनता मुझको आशीर्वाद देगी।”
यह पूछे जाने पर कि वह इलाके की दिग्गज नेता शादाब फातिमा के विरोध से कैसे निपटेंगे तो उन्होंने कहा कि लोग भ्रम फैला रहे हैं। वह नाराज नहीं हैं। हमेशा ही उन्होंने अपना आशीर्वाद दिया है। उनके काम की बदौलत ही इलाके का अल्पसंख्यक सपा के पक्ष में मतदान करेंगे और साइकिल की जीत सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि खाली समय में वह अपने दुकान पर साइकिल के पंक्चर बनाने में पिता की मदद करते हैं, लेकिन उन्हें दुख इस बात का है कि चुनाव के दौरान वह अपने पिता का सहयोग नहीं कर पाते हैं।
चौहान ने कहा, “शुरू में पिताजी बहुत डांटते थे, लेकिन बाद में जब उनको लगा कि बेटा नहीं मानेगा तो उनका विरोध कम होता चला गया। अब टिकट मिलने के बाद पूरा परिवार खुश है।” ऐसा बदली हुई सपा में ही संभव था।
dharmpath.com dharmpath