सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला बुधवार से शुरू

फरीदाबाद, 31 जनवरी (आईएएनएस)। सूरजकुंड में 31वां अंतर्राष्ट्रीयहस्तशिल्प मेला 1 फरवरी से शुरू होगा। पंद्रह दिन चलने वाले इस मेले का थीम राज्य झारखंड है। मिस्र और अमेरिका सहित कम से कम 20 देश व भारत के सभी राज्य इस मेले में हिस्सा लेंगे।

मेले का आयोजन केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों के सहयोग से सूरजकुंड मेला प्राधिकरण एवं हरियाणा पर्यटन द्वारा किया गया है।

इस मेले में हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विविधताएं प्रदर्शित की जाती हैं। लोग अपने देश के विभिन्न राज्यों और विदेश से लाई गईं मनपसंद वस्तुएं खरीदने के साथ खान-पान, नृत्य व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं।

सूरजकुंड मेले को दुनिया का सबसे बड़ा हस्तशिल्प मेला कहा जाता है। खास बात यह कि नोटबंदी के बाद आयोजित यह मेला भारत के प्रमुख मोबाइल वॉलेट मोबिक्विक के साथ कैशलेस बनने जा रहा है। कंपनी विशेष रूप से इस 15-दिवसीय मेले के सभी 1200 स्टॉल में मोबाइल आधारित कैशलेस लेन-देन की सुविधा प्रदान करेगी।

मोबिक्विक की सह-संस्थापक उपासना टाकू ने कहा, “भारत बदल रहा है और देश की जनता कैशलेस भुगतान को अपना रही है। हमें भारत के इस सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय शिल्प मेले का डिजिटल पार्टनर बनने पर गर्व है, जिसमें लाखों लोग भाग लेंगे।”

मेले में डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले उपभोक्ताओं और शिल्पकारों को मोबिक्विक की ओर से आकर्षक छूट मिलेगी।

उपासना ने यह भी कहा, “हम मेले में हिस्सा लेने वाले शिल्पकारों और खरीदारों को अपने एप द्वारा डिजिटल भुगतान करना सिखाएंगे, ताकि इस मेले को ज्यादा से ज्यादा कैशलेस बनाया जा सके। मोबिक्विक मुफ्त वाई-फाई भी देगा।”

मोबाइल वॉलेट ने हाल ही में ‘मोबिक्विक लाइट’ के रूप में अपने एप का एक छोटा वर्जन लॉन्च किया है, जो 1एमबी से भी छोटा है और अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, बांग्ला, उड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगू में उपलब्ध है। मोबिक्विक की एप में उपलब्ध भाषा विकल्पों की मदद से शिल्पकार आसानी से इसका उपयोग कर सकेंगे।

पिछले साल इस मेले में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों सहित 15 लाख लोग आए थे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493