कोलकाता, 8 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को हंगामा के बीच विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान को निलंबन के बाद मार्शलों द्वारा जबरदस्ती सदन से निकाले जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विधानसभा में कांग्रेस और वाम मोर्चा के विधायक नारेबाजी कर रहे थे और मार्शल व दूसरे निगरानी कर्मचारियों से हाथापाई हुई।
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने मन्नान को तख्तियों और पोस्टरों को हटाने के आदेश को नहीं मानने पर दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया। मन्नान 30 नवंबर, 2006 को विपक्ष में रहे तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा जानबूझकर किए गए उपद्रव के कार्य को तख्तियों और पोस्टरों के जरिए प्रदर्शित कर रहे थे।
मन्नान और दूसरे विपक्षी सदस्य बुधवार को पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक, 2017 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसे ममता बनर्जी सरकार द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के रोकथाम के लिए लाया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष की अवज्ञा करते हुए मन्नान ने 2006 में विधानसभा की लॉबी में तृणमूल कांग्रेस द्वारा सार्वजनिक संपत्ति–फाइल, फर्नीचर–को ममता बनर्जी की उपस्थिति में कैसे नुकसान पहुंचाया इसकी तख्तियां और पोस्टर दिखाना जारी रखा।
मन्नान ने विधेयक को काला कानून बताया और प्रदर्शन जारी रखा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मन्नान को निलंबित कर दिया। मन्नान अध्यक्ष के आसन के सामने ही बैठ गए।
अध्यक्ष ने मन्नान को सदन से बाहर निकालने के लिए मार्शल और दूसरे सुरक्षा कर्मियों को बुलाया। इसके बाद निलंबित सदस्य और मार्शलों के बीच हाथापाई हुई। इसमें कांग्रेस के दूसरे विधायक भी इसमें शामिल हो गए।
इस गड़बड़ी के दौरान मन्नान को चोट लगी और गिर पड़े। इसके बाद उन्हें कोलकाता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके उच्च रक्तचाप और पूरे तौर पर हार्ट ब्लाकेज की बात सामने आई। उनका उपचार किया जा रहा है।
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