मुंबई, 9 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता अनु कपूर का कहना है कि वह देशभक्त हो सकते हैं, लेकिन नेता नहीं।
संयोग से अभिनय जगत में कदम रखने वाले अभिनेता अनु ने परिवार में वित्तीय समस्याओं के कारण 12वीं कक्षा तक ही शिक्षा हासिल की।
अनु ने कहा कि अपने दादा कृपा राम कपूर की तरह अपने देश की सेवा करने का मौका न मिलने का उन्हें मलाल नहीं है। उनके दादा ब्रिटिश-भारतीय सेना में चिकित्सक के पद पर थे और उनके पर दादा लाला गंगा राम कपूर एक स्वतंत्रता सेनानी थे।
अनु से जब राजनीति में शामिल होने की इच्छा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आईएएनएस के साथ टेलीफोन पर हुए एक साक्षात्कार में कहा, “मैं एक नेता नहीं बन सकता है। मैं एक अच्छा देशभक्त, सामाजिक सेवक या एक अच्छा वक्ता बन सकता हूं, लेकिन नेता नहीं।”
अनु ने कहा, “मैं अपनी सीमित क्षमताओं के साथ अपने देश की सेवा करना चाहता हूं। अगर में राजनीति में जाऊंगा, तो मुद्दों को संबोधित कर सकता हूं, संसद में भाषण दे सकता हूं। इससे सारे सदस्य मंत्रमुग्ध हो सकते हैं, लेकिन मैं नेता नहीं बन सकता।”
श्याम बेनेगल की 1983 की फिल्म ‘मंडी’ से बॉलीवुड में करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता अनु टेलीविजन और कई रेडियो शो में प्रस्तोता भी रहे हैं। उन्हें 2012 में आई फिल्म ‘विक्की डोनर’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।
अनु को इस सप्ताह शुक्रवार को रिलीज हो रही अक्षय कुमार अभिनीत आगामी फिल्म ‘जॉली एलएलबी-2’ में वकील के किरदार में देखा जाएगा। इसमें हुमा कुरैशी भी मुख्य भूमिका में हैं।
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