नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को यहां अंग्रेजी ब्रेल में ‘एटलस फॉर विजुअली इम्पेयर्ड (इंडिया)’ का विशेष संस्करण जारी किया। इस ब्रेल एटलस को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन राष्ट्रीय एटलस एवं थिमैटिक मानचित्रण संगठन (एनएटीएमओ) ने तैयार किया है।
मंत्री ने एटलस बनाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए देशभर के विभिन्न स्कूलों में इन मानचित्रों को वितरित किया जाएगा।
हर्षवर्धन ने कहा कि सभी सरकारी विभाग इस काम को पूरा करेंगे। इस समय 20 मानचित्रों वाले प्रत्येक एटलस की मौजूदा कीमत 600 रुपये है, जिसके मद्देनजर इन एटलस को सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ब्रेल एटलस में मानचित्रों की रेखाओं को उभारा गया है और ऐसे संकेत दिए गए हैं, जिनका स्पर्श करके स्थान की जानकारी मिल सकती है। लगभग 20 मानचित्रों में भारत के भौगोलिक, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक पक्षों के अलावा नदियों, वनों, महानगरों, सड़कों, रेलवे, फसलों की जानकारी भी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि इस एटलस को तीन जनवरी, 2017 को तिरुपति में आयोजित भारतीय विज्ञान कांग्रेस में प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया था।
भारत में 50 लाख से अधिक दृष्टिबाधित लोग रहते हैं, जिनमें ज्यादातर लोग कम आय समूह के हैं। इनके लाभ के लिए एनएटीएमओ ने नक्शों के जरिए वैज्ञानिक सूचना प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी तक दृष्टिबाधितों के ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकें और अन्य साहित्य उपलब्ध हैं, लेकिन इस एटलस के जारी होने के बाद दृष्टिबाधितों को भारत की भौगोलिक जानकारी प्राप्त होगी।
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