पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भूपेंद्र ने कहा, “जाति और धर्म के भेदभाव के आधार पर लैपटॉप बांटने वाली सपा सरकार ने एक काम पूरा किया नहीं, फिर दूसरा वादा कैसे कर सकते हैं? इसी तरह जिन्होंने पिछले चुनाव में नौजवानों को रोजगार भत्ता देने का वादा किया था, आज गरीबों को पेंशन की बात कर रहे हैं। वह बताएं कि बेरोजगारों को पांच साल में भत्ता क्यों नहीं दे पाए?”
उन्होंने कहा, “प्रदेश में अब पुलिस आधुनिकीकरण की बात की जा रही है। जबकि उप्र में मायावती के राज में 745 पुलिसकर्मियों की हत्या हुई तो अखिलेश के राज में 1400 पुलिसकर्मियों की हत्या हुई और न केवल पुलिस पर हमले हुए, भ्रष्ट पुलिस अधिकारी और अपराधियों के गठजोड़ के रूप में श्रवण साहू हत्याकांड सामने आया, जिस पर उच्च न्यायालय को भी संज्ञान लेना पड़ा।”
भूपेंद्र ने कहा, “हम रोज मुख्यमंत्री से सवाल कर रहे हैं क्या ये सच नहीं है कि मायावती के शासनकाल में जितने पुलिस पर हमले हुए क्या वह अखिलेश राज में दोगुने नहीं हुए? जनता यह जान चुकी है कि ये अवसरवादी दो शहजादों का गठबंधन है, जिसका प्रदेश की गरीब जनता से कोई लेनादेना नहीं है।”
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