नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शनिवार को पृथ्वी डिफेंस व्हीकल (पीडीवी) इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के तहत किया गया।
यह बैलिस्टिक मिसाइल भारत पर परमाणु हमले के खतरे को कम करने की दिशा में कारगर साबित होगा।
डीआरडीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परीक्षण के तहत सुबह 7.45 बजे भारत के पूर्वी समुद्र तट पर 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपनी तरफ आ रहे एक मिसाइल को इंटरसेप्टर प्रौद्योगिकी वाले इस मिसाइल ने नष्ट कर दिया।
यह मिसाइल और अधिक ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में एक चुनाव रैली में कहा, “आज (शनिवार) हमारे वैज्ञानिकों ने एक ऐसे मिसाइल का परीक्षण किया, जो आसमान में ही दुश्मन के मिसाइल को खत्म करने में सक्षम है। केवल चार या पांच देशों के पास यह क्षमता है।”
दो चरण का पीडीवी मिसाइल डीआरडीओ द्वारा विकसित किए जा रहे द्विस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का हिस्सा है।
यह 80-120 किलोमीटर के दायरे में आने वाली मिसाइलों को ढूंढकर उन्हें नष्ट कर सकता है।
पूरी तरह स्वचालित इस प्रणाली में सेंसर, कंप्यूटर व लॉन्चर लगे हैं। यह दुश्मन के मिसाइल को ढूंढकर उन्हें आसमान में ही नष्ट करने में सक्षम है। यह पीडीवी का दूसरा परीक्षण था।
यह इंटरसेप्टर मिसाइल परमाणु आयुध ढोने में सक्षम पृथ्वी मिसाइल पर आधारित है।
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