नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। वसंत की खुशबू महकाने के लिए आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में 13 वर्षीय युवा गायक कोकब राशिद, वॉयलिन वादक अलीम खान और शकील अहमद की गजलों व बंदिशों ने शनिवार को समां बांध दिया।
गैर सरकारी संगठन साक्षी इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ कल्चर के अन्तर्गत जारी ‘जश्न-ए-तहजीब’ श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए संगीत नाटक अकादमी के मेघदूत सभागार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुतीकरण का गुंजायमान 13 वर्षीय गायक कोकब राशिद के गायन से हुई। उन्होंने राग बसंत व राग बहार प्रस्तुत किए। कोकब ने हजरत आमिर खुसरो की संगीत रचना प्रस्तुत की।
शाम की दूसरी प्रस्तुति रही उस्ताद अलीम खान की। जिन्होंने राग जोड़ से शुरुआत की और अपने परिपक्व प्रस्तुतीकरण से सभी को प्रभावित किया। अपने प्रस्तुतीकरण में उन्होंने श्रोताओं की फरमाइश भी प्रस्तुत की और राग भैरवी के साथ दूसरी प्रस्तुति को विराम दिया।
वसंतोत्सव के तीसरे कलाकार रहे गजलकार शकील अहमद। दिल्ली घराने के शकील अहमद देश-विदेश में अपने शानदार पेशकश से श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं और वर्तमान में वह अपनी एलबम पर काम कर रहे हैं। शकील अहमद का अपना एक अंदाज है जो श्रोताओं को उनके जोड़ता है। गजल के साथ-साथ उनकी बंदिशें भी श्रोताओं पर अलग प्रभाव छोड़ रहीं थी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मृदुला टंडन, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी व पंडित विजय शंकर मिश्रा ने वसन्त ऋतु, साहित्य व गीत-संगीत के विभिन्न पहलुओं को श्रोताओं से साझा किया। जहां लक्ष्मी शंकर बाजपेयी ने वसंत उत्सव मनाने और इसकी आवश्यकता व महत्व को समझने की बात कही, वहीं ऑल इंडिया रेडियो के राजीव शुक्ला ने भी गीत संगीत, साहित्य से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को सराहनीय प्रयास बताया और निरन्तरता से इनके प्रचार-प्रसार की बात कही।
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