कोझिकोड, 12 फरवरी (आईएएनएस)। पिछले महीने पुणे में इंफोसिस सॉफ्टवेयर इंजीनियर रसिला की ऑफिस में हुई हत्या के विरोध में यहां व्यापक प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
विरोध प्रदर्शन ‘एक्शन काउंसिल’ के सदस्यों ने निकाला। उनके हाथों में नारे लिखी तख्तियां थीं, जिसमें उन्होंने रसिला को न्याय दिलाने की मांग की है। वे इस घटना की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पुणे में इंफोसिस कार्यालय परिसर के सामने भी जल्द ही प्रदर्शन का निर्णय लिया।
नाराज प्रदर्शनकारियों ने संवाददाताओं से कहा, “पुणे परिसर से बहुत सारी संदेहास्पद बातें सामने आ रही हैं। हमने सीसीटीवी फुटेज के लिए कहा तो हमें बताया गया कि यह उपलब्ध नहीं है। यह अजीब बात है कि जिस वक्त यह नृशंस हत्या हुई, बिजली अचानक चली गई। उसका फोन भी तीन दिन बाद बरामद किया जा सका। बहुत से सवालों के जवाब बाकी हैं।”
काउंसिल के सदस्यों ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस अपराध को केवल एक व्यक्ति ने अंजाम दिया होगा।
इस सिलसिले में असम के भाबेन सैकिया को गिरफ्तार किया गया है, जो वहां सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था।
रसिका के पिता सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि वह पुणे में खुश नहीं थी। वह बेंगलुरू में स्थानांतरण चाहती थी।
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