अफ्रीका में भारतीय संगीत, फिल्में लोकप्रिय : मोनास्वीजि बैंड

उदयपुर, 14 फरवरी (आईएएनएस)। अफ्रीकी बैंड ‘मोनास्वीजि’ देश के पारंपरिक संगीत को जीवंत रखने का बेड़ा उठाए हुए है। भारतीय संगीत और फिल्मों से प्रभावित इस बैंड के भीतर अफ्रीका के संगीत को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने की ललक है। यह बैंड निकट भविष्य में भारतीय संगीत क्षेत्र में काम करने का इच्छुक है।

उदयपुर, 14 फरवरी (आईएएनएस)। अफ्रीकी बैंड ‘मोनास्वीजि’ देश के पारंपरिक संगीत को जीवंत रखने का बेड़ा उठाए हुए है। भारतीय संगीत और फिल्मों से प्रभावित इस बैंड के भीतर अफ्रीका के संगीत को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने की ललक है। यह बैंड निकट भविष्य में भारतीय संगीत क्षेत्र में काम करने का इच्छुक है।

इस अफ्रीकी बैंड में मोजाम्बिक, नॉर्वे, स्वीडन और जिम्बाब्वे के कलाकार हैं और इस वजह से इस बैंड का नाम मोनास्वीजि रखा गया है जो इन देशों के पहले अक्षरों का मेल है।

इस बैंड ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया, “अफ्रीका में भारतीय संगीत और फिल्मों को खासा पसंद किया जाता है। भारतीय संस्कृति काफी समृद्ध है और हमें इससे कुछ न कुछ सीखने को ही मिलता है।”

इस बैंड में पांच सदस्य हैं- हैल्वर्ड गोडेल (सैक्सोफोन, हारमोनियम वादक), पुट्टे जोहांडर (बास वादक), एरिक नाएलैंडर (ड्रमर), कलू सेमाने (गायक) और एकमात्र महिला कलाकार होप मासिक (मबीरा वादक)।

बैंड की मुख्य गायिका होप ने आईएएनएस को बताया, “हम पाश्चात्य संगीत के प्रभाव के बीच अपने पारंपरिक अफ्रीकी संगीत को बचाए रखने में प्रयासरत हैं। हम पारंपरिक अफ्रीकी संगीत और पश्चिमी देशों के मिले-जुले संगीत को पेश करता है।”

हैल्वर्ड भारतीय संगीत के दीवाने हैं, वह बताते हैं, “मुझे भारतीय संगीत पंसद है। यहां की फिल्में बेहतरीन होती है। मैंने लगान देखी और दिलचस्प थी, लेकिन थोड़ी लंबी थी। मैं भारतीय हारमोनियम बजाता हूं। अफ्रीका और भारतीय संगीत को मिलाकर कुछ करने की इच्छा है।”

मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे की लंबी और समृद्ध संगीत परंपरा रही है। यहां के लोकप्रिय वाद्ययंत्र ड्रम, परकशन, मरीमबा और मबीरा है। मबीरा जिम्बाब्वे का राष्ट्रीय वाद्ययंत्र है। हालांकि, जिम्बाब्वे और मोजाम्बिक के पारंपरिक संगीत की पाश्चात्य संगीत से कई समानताएं हैं।

होप कहती हैं, “मैं जिम्बाब्वे से हूं, जहां भारतीय संगीत को सुनने वाले बहुत हैं। हालांकि, यह ज्यादा समझ नहीं आता। फिर भी इसे सुनने वालों की कमी नहीं है।”

होप जिम्बाब्वे का राष्ट्रीय वाद्ययंत्र मबीरा बजाती हैं, जो देखने में भी बहुत आकर्षक है। वह कहती हैं, “मैं भारत पहली बार आई हूं और यहां मुझे सभी लोग मबीरा के बारे में पूछ रहे हैं। मबीरा के बारे में इतनी उत्सुकता देखकर अच्छा लग रहा है।”

‘मोनास्वीजि’ पारंपरिक अफ्रीकी जैज संगीत में पारंगत है। बैंड के एक और सदस्य कलू ने आईएएनएस को बताया, जैज संगीत के प्रति भारतीयों की रुचि बढ़ी है और हम भारतीयों की रुचि के अनुरूप संगीत तैयार करना भी चाहते हैं।

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