राज्यपाल ने कहा कि कई कारणों से आज के दिन का बड़ा महत्व है। आज महान विचारक आचार्य नरेंद्र देव की पुण्यतिथि है, छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है तथा प्रदेश में विधानसभा के तीसरे चरण का मतदान भी हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे सामाजिक महत्व के दिन से प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए।”
राज्यपाल ने श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा, “आचार्य नरेंद्र देव का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वह पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद और उच्च आदर्शो वाले राजनीतिज्ञ थे। वह समाजवादी आंदोलन के मूर्धन्य विचारक तथा समाजवादी विचारों के अधिष्ठाता थे। उनकी सादगी आज के समय में अपना महत्व रखती है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आचार्य नरेंद्र देव का योगदान अभूतपूर्व है।
नाईक ने कहा, “आचार्य नरेंद्र देव शिक्षाशास्त्री थे और मूलत: शिक्षक थे। शिक्षा से उनका गहरा जुड़ाव था। वे लखनऊ विश्वविद्यालय एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। आचार्य नरेंद्र देव कुलपति के रूप में प्राप्त अपना आधा वेतन गरीब मेधावी छात्रों को देते थे।”
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के शिक्षक एवं छात्र उनसे प्रेरणा प्राप्त करें। समाधि स्थल पर पूर्व महापौर दाऊजी गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
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