शिलांग, 26 फरवरी (आईएएनएस)। मेघालय की स्पेशल फोर्स-10 (एसएफ-10) के कमांडो दस्ते ने एक आतंकवादी सरगना को मार गिराया है। यह आतंकी मेघालय जेल के दो अधिकारियों और असम के सात जनजातीय लोगों की हत्या के मामले में वांछित था।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि शनिवार को भीषण मुठभेड़ में युनाइटेड अचिक लिबरेशन आर्मी (यूएएलए) की सैन्य इकाई का पूर्व प्रमुख सिंगबिर्थ एन. मराक उर्फ नोरोक एक्स मोमिन मारा गया और उसके चार या पांच साथी घायल हो गए।
मुठभेड़ स्थल से एक एके-राइफल, एक पिस्तौल और एक ग्रेनेड बरामद किया गया है।
खुफिया जानकारी के आधार पर कमांडो ने उत्तर गारो हिल्स जिले के मुख्यालय रेसुबेलपारा से 11 किलोमीटर दूर माटरोंगरे वन क्षेत्र में छापेमारी की। यह राजधानी शिलांग से 315 किमी दूर है।
उत्तरी गारो हिल्स जिले के जिला पुलिस प्रमुख डाल्टन पी. मराक ने आईएएनएस से फोन पर कहा, “हथियारबंद आतंकवादियों ने ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया और कमांडो दस्ते पर गोलीबारी की।”
नोरोक इससे पहले मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुका था। 2010 में पूर्व गारो हिल्स के विलियमनगर जेल के दो अधिकारियों की हत्या और असम के गोलापाड़ा जिले में 2013 में सात राभा जनजातीय लोगों की हत्या के मामले सरकार द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई के फैसले के बाद वह फरार हो गया था।
बीते साल नोरोक व संगठन अध्यक्ष एवं 68 अन्य सदस्यों के आत्मसमर्पण के बाद संगठन ‘यूएएलए’ का अस्तित्व समाप्त हो गया था। इसके बाद एक नया आतंकी संगठन युनाइटेड आचिक नेशनल फ्रंट (यूएएनएफ) अस्तित्व में आया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोरोक की मौत इस संगठन के लिए तगड़ा आघात है।
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