नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (डीएसएफ) बोली चक्र 2016 के हिस्से के रूप में 31 अनुबंध क्षेत्रों को मंजूरी दे दी है। इन क्षेत्रों का डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड 2015 के रूप में छोटे क्षेत्रों के लिए नई नीति के तहत प्रस्ताव किया गया है।
यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस नीति में तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाकर देश की आयात निर्भरता घटाने के उद्देश्य से वित्तीय रूप से सुधार लाने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों का प्रस्ताव खुली और पारदर्शी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। यह बोली राष्ट्रीय तेल कंपनी (ओएनजीसी और ओआईएल) तथा अन्य केंद्रीय और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित अन्य सभी प्रतिभागियों के लिए खुली थी।
बयान के अनुसार, वर्तमान में तमिलनाडु में उत्पादन भागीदारी करार प्रणाली के तहत तीन परिचालन अन्वेषण ब्लॉक (लगभग 1461 वर्ग किलोमीटर) हैं, जहां हाइड्रोकार्बन के अन्वेषण का कार्य चल रहा है। नामांकन व्यवस्था के तहत, राज्य में 31 खनन पट्टे (लगभग 3500 वर्ग किलोमीटर) दिए गए हैं, जहां प्रतिदिन 600 टन तेल और 30 लाख घन मीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन हो रहा है।
बयान के अनुसार, तमिलनाडु में तेल और गैस के उत्खनन के लिए 700 से अधिक कुओं की खुदाई की जा चुकी है।
बयान में कहा गया है कि डीएसएफ बोली चक्र के तहत दिए गए दो अनुबंध क्षेत्र, कराईकल (10.4 वर्ग किलोमीटर) पुडुचेरी और नेदूवासल (10.0 वर्ग किलोमीटर) तमिलनाडु में स्थित हैं और इनमें 4,30,000 मीट्रिक टन तेल और तेल समतुल्य गैस की मात्रा मौजूद है।
इन दो अनुबंध क्षेत्रों से 300 करोड़ रुपए का कुल राजस्व सृजित होने, राज्य सरकार को 40 करोड़ रुपए की रॉयल्टी मिलने तथा 500 व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त रोजगार जुटाए जाने का अनुमान है।
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