भोपाल, 1 मार्च (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश सरकार की संसाधन जुटाने के लिए बेशकीमती सरकारी संपत्तियों पर नजर है। बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2017-18 के बजट में कहा गया है कि शासकीय संस्थाओं के आधिपत्य में स्थित बहुमूल्य अप्रयुक्त या अल्प प्रयुक्त भूमि का चिह्नांकन किया जाएगा।
वित्तमंत्री जयंत मलैया ने बजट पेश करते हुए कहा, “चिह्नांकित भूमि का बेहतर उपयोग राज्य के संसाधनों को बढ़ाकर विकास लक्ष्य पूरा करने में किया जाएगा। इन भूमियों का अधिपत्य वर्तमान में जिन शासकीय संस्थाओं के पास है, उनके लिए अन्यत्र भूमि तथा भवन की व्यवस्था की जाएगी। ऐसी भूमियों का अधिक दक्ष इस्तेमाल करने के लिए भूमि उपयोग से नवीन वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।”
वित्तमंत्री ने बताया कि शासकीय संस्थाओं की संपत्ति के उपयोग के निर्णय के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी।
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