नई दिल्ली/चेन्नई, 7 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंकाई नौसेना ने पाक जलडमरूमध्य में भारतीय मछुआरे की हत्या के मामले की विस्तृत जांच का वादा किया है। यह वादा भारत द्वारा मामले को श्रीलंका में सर्वोच्च स्तर पर उठाए जाने के बाद किया गया।
सूत्रों ने बताया कि भारत ने सोमवार की रात कथित तौर पर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरे की हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि भारतीय उच्चायुक्त तरणजीत सिंह संधू ने मामले को श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के समक्ष उठाया। सूत्रों ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना ने मामले में पूरी और गहन जांच का वादा किया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने मारे गए मछुआरे के. ब्रिट्सो के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने और एक घायल मछुआरे को एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
यह हमला रामनाथपुरम जिले के थंगाचीमदम में कच्छाथीवू द्वीप के पास छह मछुआरों द्वारा मछली पकड़ने के दौरान हुआ।
मुख्यमंत्री पलनीस्वामी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका की हिरासत से 85 मछुआरों और 128 नावों को मुक्त कराने की मांग को लेकर पत्र लिखे जाने के एक दिन बाद श्रीलंकाई नौसेना का भारतीय मछुआरों पर यह हमला हुआ।
कच्छाथीवू द्वीप दोनों देशों को बांटने वाले समुद्री भाग में स्थित है। इस द्वीप के निकट समुद्री क्षेत्र जलीय जीवों से समृद्ध है। इससे भारतीय और श्रीलंकाई मछुआरों के बीच झड़प होती रहती है।
सैकड़ों मछुआरे सोमवार की रात हुए हमले के खिलाफ रामेश्वरम में धरने पर बैठे हुए हैं।
पीएमके के नेता अंबुमणि रामदॉस ने मंगलवार को श्रीलंकाई नौसेना के हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं करने चाहिए और श्रीलंका को मित्र राष्ट्र मानना बंद किया जाना चाहिए।
चेन्नई में रामदॉस ने कहा, “मछुआरों पर पहले श्रीलंकाई नौसेना ने ग्रेनेड से हमला किया गया और इसके बाद गोली चलाई गई जिसमें ब्रिट्सो की मौत हुई और एक अन्य मछुआरा घायल हो गया।”
उन्होंने कहा कि भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना बीते 30 सालों से हमला कर रही है जिसमें 800 से ज्यादा मछुआरों की मौत हुई है।
रामदॉस ने कहा कि भारत और श्रीलंका के मंत्रियों के बीच सहमति बनी थी कि गलती से समुद्री सीमा पार करने वाले मछुआरों पर हमला नहीं किया जाएगा बल्कि मानवीय तरीके से मामले को हल किया जाएगा। रामदॉस ने कहा कि लगता है कि श्रीलंका किसी भी समझौते का पालन नहीं करने पर उतारू है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को भारत और श्रीलंका की सरकारों पर भारतीय मछुआरे की जान लेने वाले श्रीलंकाई नौसैनिकों की गिरफ्तारी और उन्हें राज्य में भेजे जाने के लिए दबाव बनाना चाहिए।
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