नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गुरुवार को सामने आए विभिन्न एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेहनत की बदौलत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभर सकती है लेकिन हो सकता है कि इसे बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर रहना पड़े।
अधिकांश एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलता नहीं दिखाया गया है। यानी, राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है।
एबीपी-लोकनीति-सीएसडीएस के सर्वे के अनुसार, भाजपा को 164 से 176 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबंधन को 156 से 169 सीटें मिलने का अनुमान है।
एबीपी के सर्वे में बसपा को 60 से 72 सीटें मिलती दिखाई गई हैं, जबकि अन्य के हिस्से में दो से छह सीटें जा सकती हैं।
टाइम्स नाऊ-वीएमआर के सर्वे के मुताबिक भाजपा को 190 से 210 सीटें जीत सकती है। यही एक सर्वे है जिसमें भाजपा को बहुमत का आंकड़ा छूते दिखाया गया है। इसके अनुसार, सपा-कांग्रेस को 110 से 130 सीटें और बसपा को 57 से 74 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के हिस्से आठ सीटें जा सकती हैं।
इंडिया न्यूज-एमआरसी के सर्वे की बात करें तो भाजपा को 185 सीटों पर जीत मिल सकती है। सत्तारूढ़ सपा और कांग्रेस के गठबंधन को 120 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। बसपा को इस सर्वे में 90 सीटें मिलने के आसार जताए गए हैं, जबकि अन्य उम्मीदवार आठ सीटों पर जीत सकते हैं।
इंडिया टीवी-सी वोटर के एग्जिट पोल में कहा गया है कि भाजपा 155 से 167 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। सपा-कांग्रेस को 133 से 147 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि बसपा को 81 से 93 सीटों पर जीत मिल सकती है। आठ से 20 सीटों पर अन्य दलों के उम्मीदवारों को जीत मिल सकती है।
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