तिरुवनंतपुरम, 10 मार्च (आईएएनएस)। केरल विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को उस समय बाधित हो गई जब विपक्ष ने मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के शिवसेना कार्यकर्ताओं पर दिए गए बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
विजयन ने अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस ने लोगों की पिटाई के लिए शिवसेना कार्यकर्ताओं को किराए पर लिया है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा, “विजयन को अपना बयान वापस लेना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो अध्यक्ष को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए।”
बुधवार को शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं ने कोचि में समुद्र किनारे मीडिया की मौजदूगी में कई जोड़ों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा था। कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस पूरे मामले से अपनी आंखें फेर ली थीं।
विजयन अपने बयान को वापस लेने के मूड में नहीं दिखे। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि वह जब भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और शिवसेना के बारे में बात करते हैं, तो वे (विपक्षी कांग्रेस) इतने असहिष्णु क्यों हो जाते हैं।
चेन्नीथला ने कहा कि विधानसभा के इतिहास में अब तक कोई भी मुख्यमंत्री अध्यक्ष के आसन तक नहीं गया था।
इसके जवाब में विजयन ने कहा, “आपने (अध्यक्ष) देखा कि क्या हुआ। विपक्ष का यह बयान कुछ नहीं बस झूठ का पुलिंदा है।”
इस घटनाक्रम के बाद पूरे विपक्ष ने शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया। बाद में चेन्नीथला ने कहा कि अध्यक्ष पक्षपात से काम ले रहे हैं।
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