रेल मंत्री ने नई जल प्रबंधन नीति जारी की

नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने नई जल प्रबंधन नीति जारी करते हुए कहा कि विश्व जल दिवस को वर्ष में सिर्फ एक बार नहीं मनाया जाना चाहिए। केवल एक बार इसे मनाने का कोई औचित्य नहीं है, बल्कि इसके बजाय इस विश्व जल दिवस को और ज्यादा सार्थक बनाने के लिए प्रतिदिन ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि रेलवे में भूमि का विशाल क्षेत्र उसके क्षेत्राधिकार में है। अत: इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में जल क्षेत्र उसके क्षेत्राधिकार में आते हैं। इस जल नीति के तहत जल ऑडिट, जल क्षेत्रों की बहाली और जल की रिसाइक्लिंग सुनिश्चित की जाएगी। भारतीय रेलवे की जल नीति महज एक दिन की बात नहीं है, बल्कि इस बारे में हमारी प्रतिबद्धता सदा के लिए है। वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि तीन वर्षो में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इस साल के लिए 1.25 करोड़ पौधों का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे बोर्ड में पर्यावरण निदेशालय स्थापित किया गया है। ऊर्जा बिल में बचत के लिए 41000 करोड़ रुपये का एक मिशन तय किया गया है। रेलवे पर्यावरण के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे इसे हासिल करने के लिए यूएनईपी के साथ मिलकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि रेलवे में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है और इसके लिए एक स्पष्ट खाका तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हम सभी को कन्फर्म टिकट सुनिश्चित करने, यात्रियों की सुरक्षा, शून्य दुर्घटना, रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने और देश के दूर-दराज क्षेत्रों में रेलवे की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। ‘विकल्प’ योजना से यात्रीगण काफी लाभान्वित होंगे। यह एक पारदर्शी योजना है, जिसमें यात्रियों को कोई अतिरिक्त किराया दिए बगैर अथवा किराये में अंतर को रिफंड किए बिना ही वैकल्पिक ट्रेनों में कन्फर्म आरक्षण सुलभ कराया जाएगा। इससे यात्रियों की समस्याएं काफी कम हो जाएंगी।

भारतीय रेलवे ने अब एक जल प्रबंधन नीति को अंतिम रूप दिया है, जो जल के उपयोग, रिसाइक्लिंग, संरक्षण और भूजल के पुनर्भरण के सभी पहलुओं को कवर करती है। यह एक प्रगतिशील एवं रचनात्मक नीति है, जिसके तहत फील्ड यूनिटों को जल की रिसाइक्लिंग एवं बचत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जल रिसाइक्लिंग संयंत्रों, जल हार्वेस्टिंग संयंत्रों, सीवेज प्रशोधन संयंत्रों और रेलवे की भूमि पर अपशिष्ट प्रशोधन संयंत्रों की स्थापना करके जल उपयोग की दक्षता में बेहतरी सुनिश्चित करना है।

रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने भारतीय रेलवे में नई जल प्रबंधन नीति जारी की और डीजल लोकोमोटिव वर्क्‍स (वाराणसी), पेराम्बुर कैरेज वर्कशॉप (चेन्नई), लालागुडा कैरेज वर्कशॉप (हैदराबाद) को ग्रीनको प्रमाण पत्र प्रदान किए। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा विकसित किया गया प्रमाण पत्र अच्छे हरित तौर-तरीके अपनाने के लिए दिया जाता है।

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