बिहार दिवस : पटना के गांधी मैदान में दिख रही राज्य की संस्कृति

पटना, 23 मार्च (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘बिहार दिवस 2017’ के मौके पर लोग न केवल यहां की विभिन्न संस्कृतियों को समझ रहे हैं, बल्कि बिहार के गौरवशाली अतीत और स्वर्णिम इतिहास से रू-ब-रू भी हो रहे हैं। ऐसे में मानो गांधी मैदान में ही पूरा बिहार आकर सिमट गया हो।

पटना, 23 मार्च (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘बिहार दिवस 2017’ के मौके पर लोग न केवल यहां की विभिन्न संस्कृतियों को समझ रहे हैं, बल्कि बिहार के गौरवशाली अतीत और स्वर्णिम इतिहास से रू-ब-रू भी हो रहे हैं। ऐसे में मानो गांधी मैदान में ही पूरा बिहार आकर सिमट गया हो।

विकासशील बिहार, समृद्ध बिहार, गौरवशाली बिहार बताने के लिए कई सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सरकारी योजनाओं की लोगों को जानकारियां दी जा रही हैं। इसके अलावा विभिन्न मंचों पर कलाकार अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं।

ऐसे में इन स्टॉलों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है और लोग विकसित बिहार का सपना भी देख रहे हैं। कृषि विभाग पवेलियन ‘इको फ्रेंडली’ बनाया गया है, जिसमें नीरा उत्पादन (ताड़ व खजूर के पेड़ का रस) और उससे गुड़ उत्पादन के तरीके बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, फल और सब्जियों के उत्पादन के नए गुर किसानों को बताए जा रहे हैं।

बिहार दिवस पर ‘जीविका’ के पवेलियन में लगे स्टॉल न केवल राज्य के ग्रामीण जीवन की खूबसूरती को बयां कर रही हैं, बल्कि महिला सशक्तीकरण की कहानी भी कह रही हैं। इन स्टॉलों पर बिहारी कलाओं का प्रदर्शन तो किया ही जा रहा है, स्वरोजगार की इच्छुक महिलाओं को भी कई तरह की कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।

सत्तू का स्टॉल लगाने वाली बिहारशरीफ की महिला संगीता बताती हैं, “इन कुटीर उद्योगों से महिलाओं की जिंदगी बदल रही है।” उन्होंने बिहार में शराबबंदी को महिला सशक्तीकरण के लिए सबसे अहम बताया।

इस वर्ष ‘नशा मुक्त बिहार’ विषय पर आधारित बिहार दिवस समारोह में लगी कला एवं चित्र प्रदर्शनी महिला सशक्तीकरण का संदेश दे रही हैं। प्रदर्शनी में 50 पेंटिंग और 50 स्कल्पचर लगे हुए हैं, जो बिहार की विभिन्न कलाओं को प्रदर्शित कर रही हैं।

इस प्रदर्शनी में लगी दिनेश कुमार की पेंटिंग कला प्रेमियों को आकर्षित कर रही हैं। दिनेश कहते हैं कि अधिकांश पेंटिंग में लोककलाओं के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि अधिकांश पेंटिंग भोजपुरी संस्कृति को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

इसके अलावा, फोटाग्राफर अभिषेक कुमार की एकल फोटो प्रदर्शनी भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। इस प्रदर्शनी में अभिषेक ने शराबबंदी से पहले के बिहार और उसके बाद के बिहार को दिखाया है।

बिहार दिवस के मौके पर लेजर शो के जरिए लोगों के बिहार के इतिहास को दिखाया जा रहा है। आधे घंटे के इस लेजर शो में सौ साल पहले के चंपारण के इतिहास को दिखाया गया है, जिसमें महात्मा गांधी की चंपारण यात्रा को भी सिलसिलेवार दिखाया जा रहा है। इसके अलावा कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है।

इस मौके पर बिहार दिवस व्यंजन मेले में स्वाद के शौकीन भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। स्वाद के शौकीन बिहारी व्यजनों का भरपूर लुत्फ उठा रहे हैं। वर्ष 2015 में सिंगापुर में आयोजित वर्ल्ड स्ट्रीट फूड कांग्रेस में पुरस्कार पा चुके दिनेश कुमार के ग्रीन लिट्टी और चिकेन को खूब पसंद कर रहे हैं।

बिहार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम 24 मार्च तक चलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को गांधी मैदान में बिहार दिवस के मुख्य समारोह का उद्घाटन किया था।

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