बेंगलुरू, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। साउथ जोन मोटर ट्रांसपोर्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशन (एसजेडएमटीडब्ल्यूए) का कहना है कि उनकी तीन अप्रैल को भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के साथ बैठक होने जा रही है। इस बैठक के नतीजों के आधार पर ही हड़ताल जारी रखने या समाप्त किए जाने का फैसला होगा।
ट्रक चालकों की हड़ताल का शनिवार को तीसरा दिन है।
कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी में गुरुवार आधी रात से लगभग 22 लाख ट्रक सड़कों से नदारद हैं।
एसजेडएमटीडब्ल्यूए के महासचिव जी.आर.शनमुगप्पा के मुताबिक, “हमारे भविष्य का फैसला आईआरडीएआई के साथ हैदराबाद में सोमवार को होने वाली बैठक के नतीजों पर निर्भर करेगा।”
उन्होंने कहा, “इस आंदोलन से पांच राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश को प्रतिदिन 5,500 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।”
दक्षिणी राज्यों के ईंधन टैंकर, मैक्सी कैब और पर्यटक टैक्सियां भी तीन अप्रैल से इस हड़ताल से जुड़ जाएंगी।
बेंगलुरू टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकृष्णा होला ने कहा, “मैक्सी कैब और पर्यटक टैक्सी मैसूर, उडुपी और मैंगलुरू जैसे स्थानों पर एक दिन के लिए सड़कों से नदारद रहीं। हमारे सदस्य सोमवार से बेंगलुरू में इस हड़ताल में हिस्सा लेंगे।”
हड़ताल खत्म होने तक सोमवार से टैक्सियों और मैक्सी कैब की कोई नई बुकिंग नहीं होगी।
होला ने कहा, “हम पहले से हुई बुकिंग रद्द नहीं करेंगे। कॉर्पोरेट सर्विस श्रेणी के तहत चलने वाली मैक्सी कैब और टैक्सियों के संचालन में कोई बाधा उत्पन्न नहीं की जाएगी।”
यदि ईंधन टैंकर्स, पर्यटक टैक्सी और मैक्सी कैब के मालिक भी सोमवार से इस हड़ताल में शामिल हो जाएंगे तो इससे खाद्यान्न, सब्जियों, एलपीजी और पेट्रोल जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
बेंगलुरू पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव लोकेश रेड्डी ने कहा, “हमने दो से तीन दिनों के लिए ईंधन का भंडारण सुनिश्चित करने के कदम उठाए हैं।”
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