उन्होंने कहा कि वह छुट्टियों में जजों को काम करने के लिए वह प्रेरित कर रहे हैं। न्यायिक कार्य में तकनीक का कैसे प्रयोग होगा, इस बारे में उन्होंने विस्तार से बताया।
खेहर ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी मन की बात करते हैं, लेकिन मैं उनसे दिल की बात कह रहा हूं। देश की अदालतों में मुकदमों का भारी बोझ है, न्यायाधीशों की भारी कमी है। हां, तकनीक की मदद से मुकदमों का बोझ कम किया जा सकता है। इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि छुट्टियों में ट्रिपल तलाक, असम के नागरिक मुद्दे सहित अन्य मामलों की सुनवाई होगी।
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