नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत ऑटिज्म, सेरेब्रल, मानसिक मंदता और बहु विकलांगता से ग्रस्त लोगों के कल्याण के लिए नेशनल ट्रस्ट द्वारा सोमवार को ऑटिज्म पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने किया।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और रामदास आठवले भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राष्ट्रीय न्यास और रोटरी क्लब के बीच ऑटिज्म के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर थावरचंद गहलोत ने नेशनल ट्रस्ट के तीन प्रकाशन भी जारी किए।
गहलोत ने इस अवसर पर कहा, “ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति अपने जीवन के अनेक क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करते हैं और इस तरह ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (एएसडी) के बारे में जनता को शिक्षित करने और ऑटिज्म के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अनेक देशों ने बड़े पैमाने पर पहल शुरू करने के बारे में ध्यान केंद्रित किया है।” उन्होंने ऑटिज्म के साथ जी रहे प्रतिभाशाली और रचनात्मक बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए और उन्हें आगे उनके करियर में सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि नेशनल ट्रस्ट ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए नवंबर, 2015 में 10 योजनाएं शुरू की। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि यह सम्मेलन मेडिकल पहलुओं के बारे में नवीनतम अनुसंधान के अलावा ऑटिज्म से ग्रस्त व्यक्तियों की शिक्षा और कौशल तथा समावेशी जीवन में नवीनतम विकास के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।
आठवले ने अपने संबोधन में पिछले दो वर्षो के दौरान सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए शुरू की गई अनेक योजनाओं का जिक्र किया।
कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि दिसंबर, 2016 में संसद द्वारा पारित विकलांगता से ग्रस्त लोगों के अधिकार (आरपीडब्ल्यूडी) विधेयक में विकलांगता को एक विकसित और गतिशील अवधारणा के आधार पर परिभाषित किया गया है और विकलांगों की किस्मों को मौजूदा सात से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है।
यह सम्मेलन विश्व ऑटिज्म जागरूकता माह के दौरान आयोजित किया गया, जो नेशनल ट्रस्ट द्वारा एम्स दिल्ली के सहयोग से ऑटिज्म पर आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक हिस्सा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में दो अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस (डब्ल्यूएएडी) के रूप में घोषित किया था, और 2008 से दो अप्रैल को पूरे विश्व में ऑटिज्म जागरूता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
dharmpath.com dharmpath