नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि आठ नवंबर को की गई नोटबंदी के बाद करीब 18 लाख बैंक खातों में भारी मात्रा में नकदी जमा कराई गई है और यह रकम जमा करानेवाले की आर्थिक हैसियत से मेल नहीं खाती है। इसलिए इन खातों की जांच कराई जाएगी।
लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जबाव में जेटली ने कहा कि ऐसे खातों को ढूंढ़ने के लिए डेटा माइनिंग का प्रयोग किया गया है।
जेटली ने कहा, “नोटबंदी के बाद कहीं जनधन खातों और निष्क्रिय खातों का दुरुपयोग तो नहीं किया गया, इसका पता लगाने के लिए डेटा माइनिंग के द्वारा खातों की जानकारी इकट्ठा की गई है और हमारी नजर उन पर है, जिन्होंने भारी मात्रा में नकदी जमा कराई है।”
मंत्री ने कहा, “ऐसे करीब 18 लाख बैंक खातों की पड़ताल की गई है। ऐसे लोगों को नोटिस भेजकर प्रारंभिक जानकारी मांगी गई है और कई लोगों ने अभी तक जबाव नहीं दिया है।”
जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद से 30 दिसंबर तक करीब 1.09 करोड़ खातों में दो लाख रुपये से लेकर 80 लाख रुपये तक की रकम जमा कराई गई है, जो औसतन 5.03 लाख रुपये प्रति खाता है।
कुल 1.48 खातों में 80 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा कराई गई है, जिनका औसत जमा का आकार 3.31 करोड़ रुपये है।
dharmpath.com dharmpath