लोकायुक्त न्यायाधीश संजय मिश्रा ने छह अप्रैल को नूतन को भेजे पत्र में कहा है कि चूंकि उनके द्वारा इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में याचिका दायर किया गया है, जो अभी लंबित है। अत: मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण लोकायुक्त द्वारा अग्रिम जांच किया जाना न्यायोचित नहीं है।
इससे पहले नूतन ने लोकायुक्त को प्रजापति के खिलाफ दिसंबर, 2014 में प्रस्तुत शिकायत में नए सिरे से जांच करने का अनुरोध किया था और कहा था कि वह मामले में नए साक्ष्य भी प्रस्तुत करेंगी।
शिकायत में कहा गया था कि प्रजापति ने पूरे प्रदेश में अवैध खनन के जरिए अपने परिवार के सदस्यों और फर्जी कंपनियों के नाम से अकूत संपत्ति अर्जित की है।
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