नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) के अध्यक्ष मुकेश कुमार मीणा के खिलाफ दिल्ली की आप सरकार की अदालत की अवमानना वाली याचिका खारिज कर दी।
दिल्ली सरकार ने अदालत के आदेश का पालन न करने और कानून के अनुरूप कार्य न करने का आरोप लगाते हुए मुकेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर की थी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने कहा, “यह अदालत अवमानना के आरोपों की सत्यता परखने की जरूरत नहीं समझती और न ही इसकी जांच करने की जरूरत समझती है कि प्रतिवादियों (एसीबी प्रमुख मीणा और एक एसएचओ) का आचरण अदालत द्वारा दिए गए आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने वाला है या नहीं। इसलिए अवमानना के इस आरोप को खारिज किया जाता है।”
उच्च न्यायालय ने 29 जून, 2015 को एसीबी प्रमुख से कानून के अनुसार काम करने के लिए कहा था। आप ने अपनी याचिका में एसीबी प्रमुख पर एसीबी की कार्यप्रणाली में बाधा पहुंचाने और अदालत के आदेश की अवमानना करने का आरोप लगाया था।
आप सरकार ने अपनी याचिका में मीणा पर यह आरोप भी लगाया था कि उन्होंने मनमाने तरीके से एसीबी के तत्कालीन स्टेशन हाउस अफसर की एक दूसरे अधिकारी को नियुक्त कर दिया था और कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़े गए दिल्ली विकास प्राधिकरण के दो अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज नहीं कराई थी।
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि मीणा ने प्राथमिकी न दर्ज कराकर अदालत के आदेश के अनुरूप ही कार्य किया, क्योंकि डीडीए के अधिकारी केंद्र सरकार के कर्मचारी थे और एसीबी के पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।
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