नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि देश में टैक्सी सेवाओं के नियमन के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने दिशा-निर्देश तैयार कर लिए हैं।
न्यायाधीश मनमोहन की अदालत में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पेश वकील मनीष मोहन ने कहा कि काली-पीली टैक्सियों, रेडियो टैक्सियों और ओला, उबर जैसी एप आधारित दिग्गज टैक्सी सेवा प्रदाताओं से संबंधित मुद्दों की छानबीन के लिए एक समिति गठित की गई है तथा समिति की रिपोर्ट पर उचित कार्रवाई के लिए रिपोर्ट राज्य सरकारों को भेज दी गई है।
दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार से मिले दिशा-निर्देशों का राज्य सरकार अध्ययन कर रही है।
अदालत ने मामले पर सुनवाई दो अगस्त तक स्थगित करते हुए दिल्ली सरकार को मामले पर अपनी ताजा एक्शन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
ओला और उबर सहित टैक्सी संचालकों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ दायर याचिका में बिना किसी लाइसेंस के टैक्सी सेवा के परिचान की अनुमित मांगी है। इसके अलावा दोनों कंपनियों ने एकदूसरे के खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना की याचिका भी दायर की है।
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