मल्लापुरम, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के विधायक पी.के.कुन्हालीकुट्टी ने सोमवार को 1,71,023 लाख वोटों से केरल की मल्लापुरम लोकसभा सीट पर जीत हासिल कर ली। विजेता ने इस जीत को ‘धर्मनिरपेक्ष राजनीति’ की जीत करार दिया।
मल्लापुरम, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के विधायक पी.के.कुन्हालीकुट्टी ने सोमवार को 1,71,023 लाख वोटों से केरल की मल्लापुरम लोकसभा सीट पर जीत हासिल कर ली। विजेता ने इस जीत को ‘धर्मनिरपेक्ष राजनीति’ की जीत करार दिया।
आईयूएमएल के दिग्गज नेता ने 1,71,038 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। उन्हें 5,15,330 लाख वोट मिले।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एम.बी. फैजल को 3,44,307 वोट मिले, जबकि भाजपा के एन. श्रीप्रकाश 65,675 वोटों से तीसरे स्थान पर रहे।
कुन्हालीकुट्टी ने कहा, “इसका कारण यह है कि मैंने धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण की जरूरत पर बल दिया और मतदाताओं ने मुझ पर भरोसा जताया है। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की एकता ने भी इसमें मदद की है।”
उत्साहित कुन्हलिकुट्टी ने संवाददाताओं से कहा, “मैं यही कहूंगा कि शिक्षित केरल ने धर्मनिरपेक्ष राजनीति के लिए मतदान किया है। केरल ने कभी भी सांप्रदायिक आधार पर मतदान नहीं किया। बल्कि यहां हमेशा राजनीतिक आधार पर मतदान हुआ है।”
उन्होंने कहा, “भाजपा को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। आईयूएमएल की बात करें तो हम दो विधानसभा क्षेत्रों – पेरिंथलमन्ना और मनकडा में सशक्त रूप से लौटे हैं।”
आईयूएमएल के दिग्गज नेता मतगणना प्रक्रिया के सभी चरणों में अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी माकपा के उम्मीदवार और युवा नेता एम.बी.फैजल से आगे रहे।
इस सीट के लिए 12 अप्रैल को वोट डाले गए थे, जिनमें 71.33 प्रतिशत मतदान हुआ था।
मल्लापुरम सीट आईयूएमएल नेता ई.अहमद के निधन से रिक्त हुई थी, जो यहां से सांसद थे।
मल्लापुरम जिला आईयूएमएल का गढ़ रहा है और अहमद ने 2014 के चुनाव में इस सीट पर 1.94 लाख वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।
कुन्हलिकुट्टी को 55.04 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि अहमद को 51.28 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे।
वाम मोर्चा का वोट प्रतिशत 2014 के 28.47 प्रतिशत से बढ़कर 36.7 प्रतिशत हो गया। वहीं भाजपा का वोट प्रतिशत 7.59 प्रतिशत से गिरकर 7.01 प्रतिशत ही रहा।
इससे पहले कुन्हालीकुट्टी जब घर से बाहर निकले तो उनके समर्थकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी करते हुए उन्हें ऊपर उठा लिया।
कुन्हालीकुट्टी ने मीडिया से कहा कि पार्टी ग्रामीण परिषदों में आगे रही, जहां वाम मोर्चा सत्ता में है।
लेकिन 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान आईयूएमएल विधायकों की जीत का अंतर कम हो गया था। हालांकि पार्टी ने सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।
dharmpath.com dharmpath