रायपुर, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को नई महुआ नीति की घोषणा कर दी। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा जारी की गई इस नई नीति के अनुसार महुए के निर्यात और आयात के लिए कलेक्टर अथवा सक्षम अधिकारी की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।
नीति में कहा गया है कि पांच किलोग्राम से ज्यादा वजन के महुए का परिवहन, उसकी खरीद और बिक्री बिना लाइसेंस के नहीं की जा सकेगी। हालांकि नई नीति में लाइसेंस की शर्तो के अंतर्गत रहने वालों या परिवारों को कुछ छूट भी दी गई है।
आबकारी विभाग द्वारा महुआ परिवहन के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। जिन व्यक्तियों को महुआ आदि का आयात अथवा निर्यात करना हो, उन्हें इसके लिए कलेक्टर अथवा सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसमें स्थान, भण्डारण की कुल मात्रा, आवेदक के व्यापारी होने या महुआ वृक्षों के स्वामी होने आदि का विवरण देते हुए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा।
लाइसेंस के लिए शुल्क की दरें व्यावसायिक प्रयोजनों में एक हजार रुपये, कृषि, शैक्षणिक या औषधीय प्रयोजनों के लिए 500 रुपये और घरेलू उपयोग के लिए 1000 रुपये निर्धारित की गई है।
इसके अलावा कानूनी रीति से एकत्रित या खरीदे गए महुए की बिक्री के लिए वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है, जो 10 हजार रुपये होगा। लाइसेंस एक साल के लिए दिया जाएगा, जिसका नवीनीकरण किया जा सकेगा।
नई महुआ नीति के अनुसार लाइसेंस धारक को भण्डारण सहित उपयोग आदि की जानकारी कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी को देनी होगी और भण्डारण स्थल के आस-पास की जगह को स्वच्छ रखना होगा।
नई महुआ नीति में इन प्रयोजनों के लिए आवेदन पत्रों के प्रारूपों का भी प्रकाशन किया गया है। आबकारी विभाग ने अपने सभी अधिकारियों को राज्य में नई महुआ नीति के नियमों का कठोरता से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने महुआ आयात-निर्यात, भण्डारण और उपयोग आदि से जुड़े सभी पक्षों से नई नीति के पालन का अनुरोध किया है।
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