रायपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को निशाना बनाकर किए गए नक्सली हमले को ‘नृशंस अपराध’ करार देते हुए कहा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ रणनीति की समीक्षा करेगी।
राजनाथ ने मंगलवार सुबह सुकमा पहुंचकर घटनास्थल का दौरा किया और शहीद होने वाले सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि नक्सली विकास कार्यो को देखकर बौखलाए हुए हैं।
राजनाथ ने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।
राजनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं को बताया, “सुकमा में हुआ हमला नृशंस अपराध है। यह कायराना हरकत है। यह हमला बौखलाहट में आकर किया गया।”
उन्होंने कहा, “हम वामपंथी चरमपंथ की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ये विकास विरोधी हैं। ये क्षेत्र में विकास नहीं चाहते। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी।”
राजनाथ ने कहा कि उन्होंने आठ मई को नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा, “हम रणनीति की समीक्षा करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसमें बदलाव करेंगे।”
राजनाथ ने कहा कि नक्सली जनजातीय लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
लगभग 300 से 400 हथियारबंद नक्सलियों ने सोमवार को सीआरपीएफ जवानों पर हमला कर दिया, जिसमें 25 जवान शहीद हो गए।
राजनाथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर और सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक सुदीप लखटकिया के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी।
राजनाथ ने कहा, “हमने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। इसका उचित जवाब दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “हमने अपने जवान खोए.. वामपंथी चरमपंथी विकास कार्यो में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.. वे गरीबों के सबसे बड़े शत्रु हैं।”
राजनाथ ने इस हमले में घायल हुए सीआरपीएफ जवानों से अस्पताल में जाकर मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा।
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