दिग्गज अभिनेता व भाजपा सांसद विनोद खन्ना नहीं रहे (लीड-3)

मुंबई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद खन्ना नहीं रहे। उनका लंबी बीमारी के बाद गुरुवार सुबह निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे।

खन्ना के एक पारिवारिक मित्र ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्हें एक महीने पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह मूत्राशय कैंसर से पीड़ित थे। हालांकि परिवार ने इस बारे में अब तक कुछ नहीं कहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने खन्ना के निधन पर शोक व्यक्त किया। उनके परिवार में उनके अभिनेता बेटे अक्षय खन्ना व राहुल खन्ना, पत्नी कविता और बेटे साक्षी तथा बेटी श्रद्धा हैं। अक्षय व राहुल, विनोद खन्ना की पूर्व पत्नी गीतांजलि से उनके बेटे हैं।

विनोद खन्ना को अप्रैल के पहले सप्ताह में सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि खन्ना ने पूर्वाह्न् 11.20 अंतिम सांस ली। उन्हें ‘ब्लैडर कार्सनोम’ (मूत्राशय कैंसर) था।

खन्ना यहां बुधवार शाम पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “भारतीय सिनेमा के महान दिग्गजों में से एक के निधन के बारे में जानना दुखद है।”

उन्होंने कहा, “हमने एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने अपने फिल्मी करियर में विभिन्न भूमिकाएं निभाईं और इसके बाद वह सामाजिक-राजनीमि जीवन में सक्रिय हुए। फिल्मों और मंत्री दोनों के रूपों में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।”

खन्ना पंजाब में गुरदासपुर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सांसद थे। वह इस सीट से चौथी बार सांसद थे।

वर्ष 1969 में छोटी भूमिकाओं से अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता ने इसके बाद कई सफल फिल्में दीं।

बॉलीवुड में उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘इंसाफ’, ‘परवरिश’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘चांदनी, द बर्निग ट्रेन’ तथा ‘अमर, अकबर, एंथनी’ जैसी फिल्मों में काम किया था।

फिल्म निर्माता सुभाष घई ने विनोद खन्ना को पर्दे पर और पर्दे के बाद ‘रियल हैंडसम मैन’ करार दिया।

घई ने कहा, “उन्होंने अपना जीवन को दूसरों के प्यार, गरिमा और करुणा के साथ मनाया और अपने देश में सांसद के रूप में सेवा की।”

पेशावर (अब पाकिस्तान में) में एक व्यापारिक परिवार में जन्मे खन्ना ने मुंबई में सेंट मैरी स्कूल और दिल्ली में सेंट जेवियर्स हाई स्कूल तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने नासिक के बार्नेस स्कूल में अपनी पढ़ाई पूरी की।

उन्होंने मुंबई के सिद्धेहम कॉलेज से बीकॉम में किया।

खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत छोटी भूमिकाओं से की और नायक के रूप में सफल होने से पहले कई नकारात्मक भूमिकाएं निभाईं।

करियर की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद खन्ना ने अचानक 1982 में संन्यास ले लिया और भगवान रजनीश के अनुनायी बन गए तथा पांच वर्ष तक पुणे में रहे।

उन्होंने 1987 में बॉलीवुड में वापसी की और इसके बाद वह राजनीति में शामिल हुए।

खन्ना वर्ष 1998 में पहली बार गुरदासपुर से निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 1999 और 2004 के आम चुनावों में भी वह इस सीट से निर्वाचित हुए। लेकिन 2009 में वह कांग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह बाजवा से हार गए। हालांकि वर्ष 2014 में वह एक बार फिर इस सीट से जीत गए।

उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री और फिर विदेश राज्यमंत्री बनाया गया।

उन पर हालांकि अपने संसदीय क्षेत्र से लगातार अनुपस्थित रहने का आरोप लगा, पर वह अपने क्षेत्र में लगातार लोकप्रिय रहे।

उनके निधन की खबर सुनने के बाद वसुंधरा राजे, ममता बनर्जी, लता मंगेशकर, रजनीकांत, शत्रुघ्न सिन्हा, अनिल कपूर, ऋषि कपूर, हेमा मालिनी, महेश भट्ट, एस.एस राजामौली, अनुपम खेर, अक्षय कुमार और माधुरी दीक्षित-नेने जैसे बॉलीवुड सितारों और राजनीतिज्ञों ने ट्विटर के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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