विशुद्ध गायकों की जगह कोई नहीं ले सकता : आयुष्मान

नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। अभिनेता आयुष्मान खुराना का कहना है कि कलाकारों का गायन में हाथ आजमाना अच्छी बात है और उनका मानना है कि पेशेवर गायकों को इससे कोई खतरा नहीं है।

नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। अभिनेता आयुष्मान खुराना का कहना है कि कलाकारों का गायन में हाथ आजमाना अच्छी बात है और उनका मानना है कि पेशेवर गायकों को इससे कोई खतरा नहीं है।

आयुष्मान अभिनेता के अलावा एक सफल गायक भी हैं, जिन्होंने अपने कई एकल गाने गाए हैं।

पिछले महीने इस पर बहस तब छिंड़ गई, जब यह खबर आई कि अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा मुंबई में कनाडा के गायक जस्टिन बीबर के पहले संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगी, इससे कुछ गायक खुश नहीं हुए और कैलाश खेर ने आईएएनएस से कहा कि बीबर के संगीत कार्यक्रम में बेहतरीन भारतीय गायक-गायिकाओं के बजाय एक अभिनेत्री की प्रस्तुति अच्छा संकेत नहीं है, हालांकि सोनाक्षी ने बाद में इस खबर को गलत बताया।

आयुष्मान ने कलाकारों के गायन में हाथ आजमाने के बारे में कहा, “मुझे लगता है यह शानदार है। यह पर्दे पर अपने किरदार को आवाज देना है.. जैसा पश्चिमी देशों में होता है। क्यों नहीं?.लेकिन साथ ही मैं जोर देकर कहूंगा कि गायक..विशुद्ध गायक यहां रहने के लिए हैं और कोई भी उनकी जगह नहीं ले सकता।”

आयुष्मान ने सोनाक्षी मामले पर प्रत्यक्ष रूप से कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनका मानना है कि पर्दे पर अपने किरदार के लिए एक कलाकार का गाना उचित है और वैसे भी वे कलाकार किसी और कलाकार के लिए नहीं गाते, बल्कि सिर्फ अपने लिए गाते हैं, इसलिए ऐसा करने की अनुमति है।

फिल्म ‘मेरी प्यारी बिंदु’ में उनकी सह-कलाकार परिणीति चोपड़ा ने गीत भी गाया है।

आयुष्मान फिल्म उद्दोग में एक कलाकार के लिए उसकी जगह होना जरूरी मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक गायक और अभिनेता हैं और वह अलग, अनोखी और सामान्य अवधारणा वाली फिल्में करना पसंद करेंगे, जो उनके लिए फायदेमंद साबित हो।

एक्शन फिल्म में काम करने के बारे में उन्होंने कहा कि अगर उन्हें प्रस्ताव मिलता है तो वह जरूर करेंगे, इसके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से काफी बदलाव लाना होगा।

फिल्म ‘मेरी प्यारी बिंदु’ में अभिनेता एक उपन्यासकार की भूमिका में हैं। वह ‘बरेली की बर्फी’ और ‘शुभ मंगल सावधान’ में भी काम कर रहे हैं। ऐसे में व्यस्ततापूर्ण साल होने के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें काफी अच्छा लग रहा है, क्योंकि ढेर सारी फिल्में करने की उनकी आदत नहीं है, वह साल में मुश्किल से एक ही फिल्म करते हैं, यह एक अच्छा बदलाव है।

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