पणजी, 23 मई (आईएएनएस)। गोवा की सरकार टैक्सी भाड़ा तय करने के विवादास्पद मुद्दे पर जून में चर्चा करेगी।
एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ऐप आधारित टैक्सी सेवा ओला को फिर से शुरू करने के संबंध में उसके (ओला के) संपर्क में नहीं है।
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नियमित रूप से अत्यधिक किराए के भुगतान का सामना करने वाले ग्राहकों/पर्यटकों और स्थानीय टैक्सी मालिकों-चालकों के हितों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है।
अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य अगले पर्यटन सीजन से गोवा में स्थानीय टैक्सी संचालकों द्वारा दी जा जा रही टूर और टैक्सी सेवाओं के किराए को विनियमित करना है। हम अगले महीने टैक्सी ऑपरेटरों के साथ चर्चा शुरू करेंगे। मानसून में पर्यटकों का प्रवाह नीचे जाता है और इसलिए हम अगले पर्यटन सत्र तक प्रभावी होने वाले तंत्र की चर्चा और निर्माण कर सकते हैं।”
गोवा के 7,000 से अधिक पर्यटन टैक्सी संचालकों के एक हिस्से पर अक्सर ग्राहकों से अधिक किराया वसूलने, उन्हें धमकाने और एक अनियमित वातावरण में काम करने का आरोप लगाया जाता रहा है।
सरकार द्वारा किराए की व्यवस्था का पालन करने के कई प्रयास विफल हो गए हैं। यहां तक कि टैक्सी लॉबी के सदस्यों ने टूर ऑपरेटरों पर उन्हें व्यापार से वंचित करने का आरोप लगाते हुए विदेशी पर्यटकों को यात्रा कराने वाली पर्यटक बसों पर हमला तक किया है।
ओला के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, “हमें ओला की क्या जरूरत, जब स्थानीय टैक्सी ऑपरेटर ऐसी सेवा शुरू कर सकते हैं।”
ओला टैक्सी सेवा 2014 में गोवा में शुरू की गई थी, लेकिन स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों के विरोध के बाद परिवहन विभाग ने जल्द ही इस पर रोक लगा दी।
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