मंत्री शनिवार को गोमती नदी के तट पर स्थित कुड़िया घाट पर गोमती स्नान, गोमती संरक्षण संकल्प तथा गोमती संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
इस दौरान सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा, “हम सभी की जिम्मेदारी है कि मृतप्राय एवं विलुप्त हो चुकी नदियों एवं तालाबों को पुनर्जीवित करने में सहयोग करें। हम सभी का कर्तव्य है कि समाज, सभ्यता, संस्कृति एवं आस्था को सुदृढ़ करें। हमारे जीवन में जल का बहुत महत्व है, जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। गंगा एवं अन्य नदियों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति करके किसानों में सुख एवं समृद्धि लाई जा सकती है।”
उन्होंने कहा कि गोमती को शीघ्र ही स्वच्छ पानी शारदा नदी से सप्लाई किया जाएगा, जिससे लोग स्नान एवं आचमन कर सकें। गोमती नदी में गिरने वाले 28 नालों को भी शीघ्र बंद कर दिया जाएगा।
dharmpath.com dharmpath