एमएलसी राजेश यादव सहित समाजवादी छात्रसभा के नेता गुरुवार को अखिलेश यादव से लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बुधवार को घटी घटना के बारे में शिकायत करने आए थे। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विश्वविद्यालय कोष से अनियमित तरीके से खर्च हुआ है। कुलपति को इस बारे में पहले ज्ञापन भी दिया जा चुका था।
अखिलेश ने कहा, “बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की बर्बरता से पिटाई से जाहिर है कि भाजपा सरकार का लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में कोई विश्वास नहीं है और वह विरोध को कुचलने के फासिस्ट तरीके पर भरोसा करती है। शासन प्रशासन का यह रवैया संवेदन शून्य है।”
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