तिरुवनंतपुरम, 8 जून (आईएएनएस)। केरल सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम के तहत गुरुवार को नई शराब नीति को मंजूरी दे दी, जिसके तहत तीन सितारा और चार सितारा होटलों में बंद पड़े 700 से अधिक बारों को खोलने की अनुमति मिलेगी।
मयखानों के समय में हालांकि बदलाव किया गया है। यह पूर्वाह्न 11 बजे से लेकर रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। जबकि पर्यटन स्थलों पर ये बार सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक खुले रहेंगे।
शराब पीने की न्यूनतम आयु 21 से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने नई नीति की घोषणा करते हुए कहा कि वह शराब रोधी आंदोलनकारियों का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन ‘यह संभव तथा व्यवहारिक समाधान नहीं है’ और इसलिए उन्हें नई नीति लेकर सामने आना पड़ा।
उन्होंने कहा कि सितारा होटलों में ताड़ी भी परोसी जा सकेगी, जबकि पहले इसकी मंजूरी नहीं थी।
अपने इस कदम के साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की शराब नीति, 2015 को जोर का झटका दिया है, जिसके मुताबिक साल 2023 तक केरल को शराबमुक्त राज्य बनाने का सपना देखा गया था।
पिनरई विजयन की नई शराब नीति से लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 700 से अधिक बार पुन: खुल जाएंगे।
इससे पहले, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की बैठक के बाद उसके संयोजक वाइकॉम विस्वन ने कहा कि उन्होंने सरकार से सिफारिश की थी कि तीन सितारा तथा चार सितारा होटलों को बार के लाइसेंस दिए जा सकते हैं, इसके अलावा पर्यटन क्षेत्रों में तीन सितारा तथा चार सितारा होटलों को ताड़ी परोसने की भी मंजूरी मिलनी चाहिए।
विस्वन ने कहा, “हमने पाया है कि पिछली सरकार की शराब नीति के बाद शराब के सेवन में कोई कमी नहीं आई, बल्कि अवैध शराब तथा ड्रग्स के इस्तेमाल के मामले बढ़ गए।”
ऑर्कबिशप ऑफ द लैटिन डायोसेस एम.सुसाईपाकियम ने वामपंथी सरकार के इस फैसले पर दुख जताया और खुद को ठगा हुआ महसूस किया।
उन्होंने कहा, “वाम मोर्चा सरकार प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से शराब लॉबी की मदद कर रही है। हम चुपचाप नहीं बैठेंगे और इस बुराई के खिलाफ अपनी जंग जारी रखेंगे।”
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