नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए नीट 2017 के नतीजे घोषित करने की अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी. पंत और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों -एमबीबीएस/बीडीएस- के लिए नीट 2017 के नतीजे घोषित करने पर सीबीएसई पर रोक लगाने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए देशभर के सभी उच्च न्यायालयों को नीट 2017 से संबंधित किसी भी याचिका पर सुनवाई नहीं करने को कहा है।
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के 24 मई के आदेश पर रोक लगाते हुए न्यायमूर्ति पंत ने कहा, “उच्च न्यायालय को इसकी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था।”
शीर्ष न्यायालय के इस आदेश के बाद देश में 56,000 एमबीबीएस/बीडीएस सीटों के लिए काउंसलिंग और प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है।
अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश 2016 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए कार्यक्रम की अवहेलना है।
पीठ ने सीबीएसई और याचिकाकर्ताओं -नमिता सिब्बल और अपूर्व अतुल जोशी- की याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अदालत के फिर से खुलने के बाद मामले को अधिसूचित करने का निर्देश दिया।
अतिरिक्त महाधिवक्ता मनिंदर सिंह ने पीठ को बताया कि सीबीएसई को तय कार्यक्रम के अनुसार नीट का परिणाम आठ मई तक घोषित करना था।
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