लखनऊ, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया वक्फ बोर्ड में हुए कथित घोटाले की जांच को लेकर सियासत गरमा गई है। एक तरफ जहां अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अध्यक्ष वसीम रिजवी खुलकर सामने आ गए हैं।
लखनऊ, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया वक्फ बोर्ड में हुए कथित घोटाले की जांच को लेकर सियासत गरमा गई है। एक तरफ जहां अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अध्यक्ष वसीम रिजवी खुलकर सामने आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि वह खुद चाहते हैं कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच हो।
वसीम रिजवी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, “मैंने कई बार सीएम योगी से मुलाकात कर वक्फ बोर्ड की जांच करवाने की मांग की। मैंने कोई अवैध कब्जा या घोटाला नहीं किया। सरकार जिस भी स्तर से जांच करवाना चाहे वह करवा सकती है।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि जब जांच होगी तो सबसे पहले यूपी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा फंसेंगे, क्योंकि चौक स्थित पुरानी मोती मस्जिद की जमीन पर अवैध कब्जा करके मोहसिन रजा ने अपना घर बनवाया है।
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