मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। फिल्म ‘डैडी’ में अपने लुक के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया पाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता-निर्माता अर्जुन रामपाल का कहना है कि आगामी फिल्म में सही शारीरिक समानता पाना उनके लिए महत्वपूर्ण था। यह फिल्म गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली पर आधारित है।
मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। फिल्म ‘डैडी’ में अपने लुक के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया पाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता-निर्माता अर्जुन रामपाल का कहना है कि आगामी फिल्म में सही शारीरिक समानता पाना उनके लिए महत्वपूर्ण था। यह फिल्म गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली पर आधारित है।
अर्जुन इस फिल्म के सह-लेखक और निर्माता भी हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह किरदार के लिए स्पष्ट रूप से पहली पसंद थे, अर्जुन ने कहा, “मेरे लिए सही लुक में दिखना बेहद जरूरी था। एक अभिनेता के रूप में अगर मैं लुक-टेस्ट में फेल हो जाता तो ‘डैडी’ नहीं करता, इसलिए पटकथा पूरी होने के बाद सबसे डरावना भाग समाने आया..लुक टेस्ट । मैंने आशिम (अहलुवालिया) को बता दिया था कि अगर मैं लुक-टेस्ट में असफल होता हूं तो भी फिल्म का निमार्ण करूंगा, वह इसका निर्देशन करेंगे और हम अरुण गवली से मिलते-जुलते किसी अन्य अभिनेता को लेंगे।”
अरुण गवली की तरह दिखने के लिए अभिनेता को कृत्रिम नाक का सहारा लेने के साथ ही शारीरिक ढांचे पर भी ध्यान देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि वह एक वास्तविक जीवन के चरित्र को निभा रहे हैं, इसलिए उनकी पहली प्राथमिकता उस शख्स के जैसे दिखना था। वह दो साल तक जिम नहीं गए और वजन 20 किलो घटाया, क्योंकि किरदार में उन्हें दुबला-पतला दिखना था।
फिल्म ‘डैडी’ एक ऐसे शख्स की कहानी है, जिसने लंबे अर्से तक मुंबई में अपहरण, जबरन धन उगाही करने, सुपारी लेकर हत्या करने में शामिल रहा है और कई बड़े अपराधों को अंजाम दिया है। हमेशा गांधी टोपी पहने नजर आने वाले गवली 2004 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गए और 2009 तक विधायक रहे।
dharmpath.com dharmpath