भोपाल, 2 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी के बेसिन में रविवार को छह करोड़ से ज्यादा पौधे रोपने के राज्य सरकार की पहल पर विपक्षी कांग्रेस ने सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार के इस ‘प्रोपगंडा’ पर जनता के 700 करोड़ रुपये बहा दिए गए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एक बयान जारी कर कहा, “नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए भाजपा सरकार ने जो प्रोपगंडा किया है वह पूरी तरह फेल रहा, क्योंकि जो पौधे लगाए गए हैं वे नदी संरक्षण के लिए उपयोगी नहीं हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने पौधरोपण के बहाने 700 करोड़ रुपये का जश्न मनाया है, मगर विशेषज्ञों का कहना है कि मानक पौधे नहीं लगाए गए हैं। जो पौधे लगाए गए हैं, वे अगले छह माह भी जिंदा नहीं रह पाएंगे।
अजय सिंह ने कहा, “फर्जी आंकड़े देने में सरकार माहिर है। पौधरोपण का रिकार्ड तो हमेशा से विवादित रहा है, बल्कि यह भ्रष्टाचार का वर्ल्ड रिकार्ड भी बन गया है।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के अनुसार, 10 लाख लोगों ने पौधरोपण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके मुताबिक एक आदमी 660 मिनट यानी 11 घंटों में 66 पेड़ लगाएगा। एक पौधा लगाने के लिए कम से कम 10 मिनट का समय चाहिए, इस तरह 11 घंटे में 66 पौधे रोप सकेंगे। सवाल उठता है कि क्या यह संभव है?
सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद ने इस प्रदेश के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए। उन्होंने जो जश्न मनाया है, उसके लिए प्रदेश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। जिलों से जो रिपोर्ट आ रही हैं, उनमें कई मैदानी अमला का कहना है कि उन्हें दिए गए टारगेट के अनुसार पौधे ही नहीं मिले हैं।
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