लखनऊ /गाजीपुर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की मुश्किलें अब उनके अपने मंत्री ही बढ़ाने लगे हैं।
भाजपा के सहयोगी दल भारतीय समाज पार्टी (भासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर के जिलाधिकारी को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को दूसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।
राजभर ने जिलाधिकारी के खिलाफ चार जुलाई को गाजीपुर में धरना देने का ऐलान किया है।
राजभर के इस ऐलान के बाद योगी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ योगी का फरमान है कि अधिकारी किसी के दबाव में आए बिना निष्पक्ष कार्रवाई करें। लेकिन उल्टे कैबिनेट मंत्री जिलाधिकारी को हटाने के लिए धरने पर बैठने का दबाव बना रहे हैं।
योगी ने इस मामले को लेकर ओम प्रकाश राजभर से बात की थी, लेकिन उसके बाद कार्रवाई न होते देख अब राजभर ने फिर धरना देने का नैतिक दबाव सरकार पर बढ़ा दिया है।
इस मामले को लेकर ओमप्रकाश राजभर को आज (सोमवार) योगी ने बातचीत के लिए बुलाया है।
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “गाजीपुर के जिलाधिकारी के खिलाफ चार जुलाई को बड़ा धरना आयोजित किया गया है। जिलाधिकारी को 19 सूत्रीय मांगें दी गई थी, लेकिन वह लगातार कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रहे हैं। यदि उन्हें हटाया नहीं गया तो धरना होगा।”
योगी से आज होने वाली मुलाकात को लेकर राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए बुलाया है।
गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर का आरोप है कि जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री अपनी मनमानी पर उतारू हैं और उन्हें एक स्थानीय बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त है।
ऐसा पहली बार नहीं है कि योगी सरकार में जिला प्रशासन और मंत्री आमने-सामने हैं। कुछ दिनों पहले ही भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और गोरखपुर से विधायक राधा मोहनदास अग्रवाल भी स्थानीय प्रशासन से भिड़ गए थे। तब उन्होंने भी स्थानीय प्रशासन के खिलाफ धरना देने का ऐलान किया था। हालांकि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने धरना वापस ले लिया था।
dharmpath.com dharmpath