मुंबई, 3 जुलाई (आईएएनएस)। मांग में कमी के कारण पिछले महीने देश के विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार में सुस्ती दर्ज की गई।
विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन का समग्र सूचक निक्केई इंडिया मैनुफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जून में घटकर पिछले चार महीने के सबसे निचले स्तर 50.9 पर आ गया, जबकि मई में यह 51.6 के स्तर पर था।
फिर भी, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही में यह 51.7 पर था, जबकि वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में यह 51.2 था।
इस सूचकांक में 50 से ऊपर का अंक आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का संकेतक है, जबकि 50 से कम अंक गिरावट का संकेतक है।
आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री और रिपोर्ट की लेखिका पॉलयाना डी लीमा ने कहा, “भारत में लगातार तीन महीनों से विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर में गिरावट दर्ज की जा रही है और जून में भी इसमें गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण मांग में कमी, नए ऑर्डर की बुकिंग में कमी है।”
उन्होंने कहा, “कई मामलों में कारोबारों से यह संकेत मिलता है कि पानी की कमी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने के कारण इसमें गिरावट आई है।”
रपट के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र की इनपुट लागत लगातार बढ़ती जा रही है, जिसमें रसायनों, खाद्य पदार्थो, प्लास्टिक और रबर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है।
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